Edited By Rohini Oberoi,Updated: 08 May, 2025 10:44 AM

भारतीय सैन्यबलों ने 6 और 7 मई की दरमियानी रात 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाक अधिकृत कश्मीर समेत पाकिस्तान के अंदर 9 आतंकी ठिकानों पर धावा बोला। इस कार्रवाई में सेना ने पीओके के मुजफ्फराबाद के साथ-साथ पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुरिदके को भी अपनी जद...
इंटरनेशनल डेस्क। भारतीय सैन्यबलों ने 6 और 7 मई की दरमियानी रात 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाक अधिकृत कश्मीर समेत पाकिस्तान के अंदर 9 आतंकी ठिकानों पर धावा बोला। इस कार्रवाई में सेना ने पीओके के मुजफ्फराबाद के साथ-साथ पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुरिदके को भी अपनी जद में लिया। भारतीय सेना ने मुरिदके के मरकज तैयबा कैंप को पूरी तरह से तबाह कर दिया।
यह वही खौफनाक मरकज है जहां 26/11 के मुंबई हमलों के गुनहगार अजमल कसाब और डेविड कोलमैन हेडली जैसे आतंकियों को भारत में कहर बरपाने की ट्रेनिंग दी गई थी। भारतीय हमले के बाद पाकिस्तान से कई ऐसे वीडियो सामने आए थे जो वहां हुई भारी तबाही की गवाही दे रहे थे। अब पाकिस्तान के मुरिदके से एक और नया वीडियो सामने आया है। यह ताजा वीडियो कुख्यात आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय मरकज तैयबा का बताया जा रहा है।
करीब 82 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले इस परिसर के नए वीडियो में रेस्क्यू की गाड़ियां और एम्बुलेंस खड़ी हुई दिखाई दे रही हैं। हाफिज सईद के इस टेरर कैंप की ध्वस्त इमारतों का बिखरा हुआ मलबा भारतीय हमले की भयावहता को खुद ही बयां कर रहा है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि इमारतों की छतें पूरी तरह से फर्श में तब्दील हो गई हैं। इमारतों के अंदर बची हुई दीवारों में भी सिर्फ सरिया ही नजर आ रहा है ईंट और सीमेंट के नामोनिशान मिट गए हैं।
इमारतों की दीवारों पर कभी लकड़ियों के फ्रेम हुआ करते थे लेकिन अब वे भी इस हालत में नहीं हैं कि अंदर झांकने से रोक पाएं। इमारतों के अंदर रखा फर्नीचर भी पूरी तरह से तबाह हो गया है। लश्कर के आतंकी जिस मरकज परिसर में पहुंचकर भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की ट्रेनिंग लेते थे अपने आकाओं से दिशानिर्देश और फरमान पाते थे उस पूरे परिसर में अब हर तरफ सिर्फ मलबा ही बिखरा हुआ नजर आ रहा है।
आज की ताजा तस्वीर यही है कि जिसे पाकिस्तान में आतंकियों की सबसे बड़ी नर्सरी के तौर पर जाना जाता था वह जगह अब खंडहर में तब्दील हो चुकी है। ध्वस्त इमारतों के आसपास पाकिस्तान की ओर से लगाया गया सील का लेबल इस तबाही की कहानी खुद ही बयान कर रहा है। गौरतलब है कि इस कुख्यात मरकज की स्थापना लगभग 25 साल पहले हुई थी और यह भारत के खिलाफ रची जाने वाली आतंकी साजिशों का एक प्रमुख केंद्र था जिसे 'ऑपरेशन सिंदूर' ने आखिरकार मिट्टी में मिला दिया है।