Edited By Mansa Devi,Updated: 14 Feb, 2026 01:41 PM

केरल में 10 महीने की बच्ची एलिन शेरिन अब्राहम ने अपने छोटे जीवन में ही कई लोगों के लिए नई उम्मीद जगाई। पथानामथिट्टा जिले के मल्लप्पल्ली निवासी एलिन 5 फरवरी को एक सड़क हादसे का शिकार हो गई थी। दोपहर करीब 2:30 बजे वह अपनी मां और नाना-नानी के साथ...
नेशनल डेस्क: केरल में 10 महीने की बच्ची एलिन शेरिन अब्राहम ने अपने छोटे जीवन में ही कई लोगों के लिए नई उम्मीद जगाई। पथानामथिट्टा जिले के मल्लप्पल्ली निवासी एलिन 5 फरवरी को एक सड़क हादसे का शिकार हो गई थी। दोपहर करीब 2:30 बजे वह अपनी मां और नाना-नानी के साथ कोट्टायम से तिरुवल्ला जा रही थी, तभी M.C. रोड पर सामने से आ रही कार से टकरा गई। हादसे में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि उसके परिवार के अन्य सदस्य भी गंभीर चोटों का शिकार हुए। एलिन को पहले चंगनास्सेरी और तिरुवल्ला के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। बाद में 7 फरवरी को उसे कोच्चि के अमृता अस्पताल लाया गया, जहां 13 फरवरी को उसे ब्रेन डेड घोषित किया गया।
माता-पिता का साहसिक निर्णय
बच्ची के ब्रेन डेड होने के बाद उसके माता-पिता अरुण अब्राहम और शेरिन एन जॉन ने गहरे दुख के बावजूद अंगदान का साहसिक निर्णय लिया। इस निर्णय से पांच लोगों को नया जीवन मिलने जा रहा है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने माता-पिता के इस कदम की सराहना की और परिवार के दुःख में सहानुभूति जताई।
पांच लोगों को मिला जीवनदान
अमृता अस्पताल, एर्नाकुलम में अंगदान प्रक्रिया K-SOTTO और गृह विभाग के सहयोग से पूरी की गई। बच्ची के अंगों में उसके लिवर, दोनों किडनी, हार्ट वाल्व और दोनों आंखें शामिल थीं। एलिन का लिवर तिरुवनंतपुरम के KIMS अस्पताल में इलाज करा रहे छह महीने के बच्चे को दिया जाएगा, जो केरल में मरणोपरांत लिवर पाने वाला सबसे कम उम्र का बच्चा होगा। दोनों किडनी तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज के SAT अस्पताल के पेडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी वार्ड में भर्ती एक बच्चे को दी जाएंगी। हार्ट वाल्व श्री चित्रा इंस्टीट्यूट, तिरुवनंतपुरम को भेजा गया, जबकि दोनों आंखें अमृता अस्पताल में दान की गईं।
नई जिंदगी की कहानी
इस छोटी सी बच्ची ने अपने परिवार और समाज के लिए एक बड़ा संदेश छोड़ा है कि अंगदान से कई जीवन बचाए जा सकते हैं। मासूम एलिन का यह कदम न केवल केरल में बल्कि पूरे देश में अंगदान के महत्व को उजागर करता है।