3 लाख करोड़ रुपए जुर्माना... Apple को भारत की आखिरी चेतावनी, जानिए पूरा मामला

Edited By Updated: 16 Jan, 2026 08:41 PM

a fine of 300 billion rupees  apple receives its final warning from india

अमेरिकी टेक दिग्गज Apple और भारत के Competition Commission of India (CCI) के बीच टकराव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। CCI ने Apple को साफ शब्दों में आख़िरी चेतावनी दे दी है कि अगर कंपनी ने जल्द जवाब नहीं दिया, तो एंटीट्रस्ट मामले को उसके बिना ही...

नेशनल डेस्क: अमेरिकी टेक दिग्गज Apple और भारत के Competition Commission of India (CCI) के बीच टकराव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। CCI ने Apple को साफ शब्दों में आख़िरी चेतावनी दे दी है कि अगर कंपनी ने जल्द जवाब नहीं दिया, तो एंटीट्रस्ट मामले को उसके बिना ही आगे बढ़ाया जाएगा। यानी अब Apple के पास वक्त लगभग खत्म हो चुका है।

2022 से चला आ रहा है विवाद

यह मामला Apple के iOS App Store के बिजनेस मॉडल से जुड़ा है। साल 2022 में कुछ भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स ने CCI में शिकायत दर्ज कराई थी कि Apple अपने App Store के जरिए बाजार में अपने दबदबे का गलत इस्तेमाल कर रहा है। आरोप था कि कंपनी ऐसे नियम लागू करती है, जिससे डेवलपर्स को नुकसान होता है और उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता।

जांच में CCI का बड़ा दावा

लंबी जांच के बाद 2024 में CCI की रिपोर्ट सामने आई, जिसमें कहा गया कि Apple ने अपने डोमिनेंट पोजीशन का दुरुपयोग किया है। लेकिन मामला यहीं नहीं रुका। CCI का कहना है कि Apple ने जांच रिपोर्ट पर जवाब देने में जानबूझकर देरी की।

एक साल से ज्यादा की देरी, अब नहीं मिलेगा वक्त

अक्टूबर 2024 में Apple से कहा गया था कि वह रिपोर्ट पर अपनी आपत्तियां और संभावित जुर्माने को लेकर जवाब दे। इसके बाद से Apple लगातार समय बढ़ाने की मांग करता रहा। अब CCI ने साफ कर दिया है कि अगर अगले हफ्ते तक जवाब नहीं आया, तो वह यूनिलैटरल एक्शन लेते हुए केस को आगे बढ़ा देगी।

$38 बिलियन तक के जुर्माने का खतरा!

Apple की सबसे बड़ी चिंता संभावित भारी जुर्माने को लेकर है। अगर CCI जुर्माने की गणना कंपनी के ग्लोबल टर्नओवर के आधार पर करता है, तो यह रकम करीब $38 बिलियन यानी 3 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो सकती है। यह Apple जैसी विशाल कंपनी के लिए भी एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

Apple ने अदालत में दी चुनौती

Apple ने इस नियम को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कंपनी का तर्क है कि जुर्माना सिर्फ भारत में हुए बिजनेस के आधार पर ही लगाया जाना चाहिए। वहीं, CCI का कहना है कि ग्लोबल कंपनियों पर असरदार कार्रवाई के लिए ग्लोबल टर्नओवर को आधार बनाना जरूरी है। Apple ने कोर्ट से इस मामले की प्रक्रिया रोकने की भी मांग की थी, लेकिन CCI ने इसे खारिज कर दिया। अब इस केस की अगली सुनवाई 27 जनवरी 2026 को होनी है।

भारत का कड़ा संदेश बड़ी टेक कंपनियों को

इस पूरे विवाद ने साफ कर दिया है कि भारत अब बड़ी टेक कंपनियों के खिलाफ अपने नियमों को सख्ती से लागू करने के मूड में है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह सिर्फ Apple का मामला नहीं है, बल्कि यह सवाल है कि क्या बड़े इंटरनेट प्लेटफॉर्म भारतीय बाजार में मनमानी कर सकते हैं या नहीं।

CCI Apple पर जुर्माना क्यों लगाना चाहती है?

CCI का काम यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी कंपनी अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कर बाजार में प्रतिस्पर्धा को खत्म न करे। Apple पर आरोप है कि वह iPhone में सिर्फ अपने App Store को ही अनुमति देता है, थर्ड पार्टी ऐप स्टोर को नहीं।

इसके अलावा, डेवलपर्स से 15 से 30 प्रतिशत तक कमीशन लेना और बाहरी पेमेंट लिंक की अनुमति न देना भी CCI के निशाने पर है। आयोग का मानना है कि इससे छोटे डेवलपर्स और स्टार्टअप्स को नुकसान होता है और उनके पास iPhone यूजर्स तक पहुंचने का कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता।

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