Edited By Mansa Devi,Updated: 19 Jan, 2026 11:24 AM

देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ती आबादी के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी गंभीर होती जा रही हैं। हाल ही में सामने आई वर्ष 2024 की डेथ रजिस्ट्रेशन रिपोर्ट में राजधानी में मौतों से जुड़े ऐसे आंकड़े सामने आए हैं, जो चिंता बढ़ाने वाले हैं।
नेशनल डेस्क: देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ती आबादी के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी गंभीर होती जा रही हैं। हाल ही में सामने आई वर्ष 2024 की डेथ रजिस्ट्रेशन रिपोर्ट में राजधानी में मौतों से जुड़े ऐसे आंकड़े सामने आए हैं, जो चिंता बढ़ाने वाले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में दिल्ली में करीब 1.39 लाख से अधिक मौतें दर्ज की गईं। इन मौतों के पीछे कुछ प्रमुख बीमारियां और स्वास्थ्य कारण सामने आए हैं।
सांस से जुड़ी बीमारियां बनीं सबसे बड़ा कारण
दिल्ली सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 में सांस से संबंधित बीमारियों के कारण 9,211 लोगों की मौत दर्ज की गई, जबकि 2023 में यह संख्या 8,801 थी। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब वायु गुणवत्ता, लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहना और कमजोर इम्यूनिटी इसके प्रमुख कारण हैं। अस्थमा, निमोनिया और फेफड़ों से जुड़ी अन्य बीमारियां इसमें शामिल हैं।
सेप्टीसीमिया से भी बड़ी संख्या में मौतें
रिपोर्ट में सेप्टीसीमिया को भी मौतों का एक अहम कारण बताया गया है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब संक्रमण रक्त में फैल जाता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है।
शॉक के मामलों में भी दर्ज हुईं कई मौतें
दिल्ली में कई मौतें ऐसे शॉक की वजह से दर्ज की गईं, जिनका स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अचानक ब्लड प्रेशर का अत्यधिक गिरना या शरीर के किसी महत्वपूर्ण अंग का काम करना बंद कर देना इसके संभावित कारण हो सकते हैं।
टीबी अब भी एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती
आधुनिक इलाज उपलब्ध होने के बावजूद तपेदिक (टीबी) दिल्ली में मौतों का एक बड़ा कारण बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल मौतों में लगभग 4.86 प्रतिशत मौतें टीबी के कारण हुईं। समय पर इलाज न मिलना और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता इसकी मुख्य वजह मानी जा रही है।
हाई ब्लड प्रेशर और लिवर रोग भी जिम्मेदार
आंकड़ों के मुताबिक, हाई ब्लड प्रेशर के कारण लगभग 4.50 प्रतिशत और लिवर से जुड़ी बीमारियों के कारण 4.21 प्रतिशत मौतें दर्ज की गईं। चिकित्सकों का कहना है कि असंतुलित जीवनशैली, अत्यधिक शराब सेवन, मोटापा और तनाव इन बीमारियों के जोखिम को बढ़ा रहे हैं।