Aadhar Card: आधार कार्ड बनवाना हुआ और भी आसान, अब बार-बार आधार सेवा केंद्रों के नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर

Edited By Updated: 19 Aug, 2025 06:27 PM

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अब आधार कार्ड बनवाने के लिए न लंबी लाइनें लगानी होंगी, न ही बार-बार आधार सेवा केंद्रों के चक्कर काटने पड़ेंगे। सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है। अब सरकारी स्कूलों में ही आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने की सुविधा मिलेगी,...

नेशनल डेस्क: अब आधार कार्ड बनवाने के लिए न लंबी लाइनें लगानी होंगी, न ही बार-बार आधार सेवा केंद्रों के चक्कर काटने पड़ेंगे। सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है। अब सरकारी स्कूलों में ही आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने की सुविधा मिलेगी, जिससे खासतौर पर बच्चों, ग्रामीणों और महिलाओं को सीधा फायदा मिलेगा।

क्या है योजना?
मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग और UIDAI ने मिलकर 18 अगस्त से एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इसका मकसद है कि बच्चों को स्कूल में ही आधार कार्ड बनवाने और अपडेट कराने की सुविधा दी जाए, ताकि उन्हें छात्रवृत्ति, दाखिले और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

कैसे होंगे स्कूलों में आधार केंद्र?
-हर ब्लॉक के 2 सरकारी स्कूलों में आधार सेवा केंद्र बनाए जाएंगे।
-पहले चरण में 40 जिलों के 1,068 स्कूलों को चुना गया है।
-यहां बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट (फिंगरप्रिंट, आई स्कैन, फोटो) किए जाएंगे।
-एक आधार कार्ड बनाने के लिए एजेंसी को 50 रुपये प्रति कार्ड का भुगतान किया जाएगा।
-60 दिनों के भीतर सभी चयनित स्कूलों में केंद्र चालू करने का लक्ष्य है।

बायोमेट्रिक अपडेट के जरूरी नियम
UIDAI के अनुसार, बच्चों को दो बार अनिवार्य रूप से आधार अपडेट कराना होता है:
पहली बार: 5 से 7 साल की उम्र में (फ्री)
दूसरी बार: 15 से 17 साल की उम्र के बीच (फ्री)
अगर समय पर ये अपडेट नहीं हुए, तो कई योजनाओं से जुड़ने में देरी हो सकती है।

लड़कियों और ग्रामीण बच्चों को प्राथमिकता
सरकार ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और स्कूल जाने वाली लड़कियों पर ध्यान केंद्रित किया है। अक्सर आधार न होने या उसमें त्रुटियां होने की वजह से ये बच्चे कई सरकारी लाभों से वंचित रह जाते हैं। अब स्कूलों में कैंप लगने से न सिर्फ बच्चों का आधार बनेगा, बल्कि उनके परिवार के अन्य सदस्य भी इसे बनवा या अपडेट करवा सकेंगे।

किन स्कूलों में खुलेंगे ये केंद्र?
शिक्षा विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उन सरकारी स्कूलों की पहचान की जा रही है जहां आधार सेवा केंद्र खोले जा सकें। इसके लिए जरूरी है कि स्कूलों में बिजली, इंटरनेट और आधार कार्यों के लिए एक अलग कमरा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। इन स्कूलों में आधार केंद्र शुरू करने की जिम्मेदारी चयनित एजेंसियों को सौंपी जाएगी, जिन्हें UIDAI की ओर से प्रशिक्षित स्टाफ और जरूरी उपकरण मुहैया कराए जाएंगे।

चयनित स्कूलों में UIDAI द्वारा प्रमाणित और प्रशिक्षित एजेंसी कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे। ये कर्मचारी आधार नामांकन, बायोमेट्रिक अपडेट और डेटा सुधार जैसे कामों को स्कूल में ही अंजाम देंगे।
 

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