बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर हमले के बाद ईरानी विदेश मंत्री की चेतावनी, 'रेडिएशन फैला तो सिर्फ तेहरान नहीं, खाड़ी देश भी होंगे तबाह'

Edited By Updated: 05 Apr, 2026 10:12 AM

abbas araghchi bushehr nuclear plant us israel nuclear power plant

मिडिल ईस्ट जंग को एक महीने से ज्यादा हो गया, जैसे-जैसे समय बीत रहा है वैसे-वैसे जंग एक भयानक रूप ले रही है।  अमेरिका-इजरायल ने शनिवार (4 अप्रैल) को ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए हमला कर पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। इस अटैक के बाद...

इंटरनेशनल डेस्क: मिडिल ईस्ट जंग को एक महीने से ज्यादा हो गया, जैसे-जैसे समय बीत रहा है वैसे-वैसे जंग एक भयानक रूप ले रही है। अमेरिका-इजरायल ने शनिवार 4 अप्रैल को ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए हमला कर पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। इस अटैक के बाद ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर यह अटैक होते हैं तो यहां से निकलने वाला रेडिएशन तेहरान तक ही नहीं  बल्कि खाड़ी के अन्य देश भी इसकी जद में आ जाएंगे।

बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर हमला और नुकसान
बता दें कि शनिवार सुबह हुए इस सैन्य हमले में ईरान के महत्वपूर्ण बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाया गया। ईरान की न्यूज एजेंसी तस्नीम के अनुसार, युद्ध की शुरुआत के बाद से इस प्लांट पर यह चौथा बड़ा हमला था। हमले के दौरान एक प्रोजेक्टाइल प्लांट के परिसर के पास गिरा, जिससे वहां स्थित इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा है। इस दुखद घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। इसके साथ ही, ईरान के पेट्रोकेमिकल हब 'महशहर' पर भी हवाई हमले किए गए, जिसमें 5 लोग घायल हुए हैं। हालांकि, इन हमलों पर अभी तक अमेरिका या इजरायल की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया नहीं आई है।

विदेश मंत्री अब्बास अराघची की गंभीर चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन हमलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगाह किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परमाणु संयंत्रों पर हमले केवल ईरान के लिए नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी एशिया के लिए विनाशकारी साबित हो सकते हैं। अराघची ने चेतावनी दी कि यदि इन हमलों के कारण रेडिएशन फैलता है, तो वह केवल तेहरान या ईरान की सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा। हवा के रुख का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि रेडिएशन का खतरा खाड़ी देशों जैसे बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब को सबसे अधिक होगा। उनके इस बयान को अमेरिका और इजरायल के साथ-साथ खाड़ी देशों के लिए भी एक बड़े खतरे के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग
ईरानी विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में यह भी आरोप लगाया कि दुश्मन देशों का असल मकसद केवल सैन्य ठिकानों को नष्ट करना नहीं है, बल्कि वे ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले पेट्रोकेमिकल कारखानों को निशाना बनाकर देश को आर्थिक रूप से पंगु बनाना चाहते हैं। अराघची ने इस मामले पर यूरोपीय देशों की चुप्पी पर भी गहरा असंतोष व्यक्त किया और इसे 'खतरनाक' करार दिया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को एक औपचारिक पत्र लिखकर इन हमलों की कड़ी निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!