Edited By Radhika,Updated: 20 Mar, 2026 04:35 PM

ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध का असर अब भारतीयों की रसोई और मोहल्ले की किराना दुकानों पर तक होने लगा है। LPG Crisis के डर से भारतीयों के खाने की आदतों में एक बड़ा 'शिफ्ट' देखा जा रहा है।
Kitchen Lockdown: ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध का असर अब भारतीयों की रसोई और मोहल्ले की किराना दुकानों पर तक होने लगा है। LPG Crisis के डर से भारतीयों के खाने की आदतों में एक बड़ा 'शिफ्ट' देखा जा रहा है।
दुकानदारों ने बदली रणनीति
बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म Bizom के ताजा आंकड़ों के अनुसार, रिटेल दुकानदारों ने अब अपनी दुकानों में कच्चा माल (चावल, दाल, गेहूं) रखने के बजाय रेडी-टू-ईट (RTE) और रेडी-टू-कुक्ड (RTC) उत्पादों का स्टॉक भरना शुरू कर दिया है। इन प्रोडक्टस को लेकर मांग भी बढ़ रही है। मार्च के पहले दो हफ्तों में ही इन उत्पादों की खरीदारी में 2.9% का उछाल आया है। पिछले साल जहाँ अनाज की डिमांड ग्रोथ 21% थी, वह इस साल गिरकर 16% रह गई है।

क्यों बदल रही है पसंद?
LPG की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण उपभोक्ता अब ऐसे भोजन की तलाश में हैं जिसे पकाने में कम समय और कम गैस खर्च हो। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में रेडी-टू-ईट उत्पादों की मांग में 20% की भारी वृद्धि देखी गई है। अमेजन जैसे प्लेटफॉर्म्स पर नूडल्स, पैकेट बंद स्नैक्स और बेवरेज की बिक्री 15% तक बढ़ गई है।
रेस्तरां के मेन्यू में भी कटौती
Bizom के एनालिटिक्स हेड हर्षित बोरा के अनुसार, गैस संकट का असर रेस्तरां पर भी पड़ा है। कई रेस्तरां ने अपने मेन्यू में कटौती कर दी है, जिससे मजबूरन ग्राहकों का झुकाव पैकेट बंद तैयार खाने की ओर बढ़ रहा है। अब इस सेक्टर में 10.6% से ज्यादा की ग्रोथ देखी जा रही है।