Water Bottled Price Hike: ईरान जंग के बीच महंगा हुआ पानी! दिग्गज कंपनी बिसलेरी ने 11% बढ़ाए दाम, देखें नए रेट

Edited By Updated: 20 Mar, 2026 01:42 PM

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Water Bottled Price Hike:   मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का असर अब आपकी जेब और प्यास दोनों पर पड़ने लगा है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने न केवल कच्चे तेल को महंगा किया है, बल्कि भारत में बोतलबंद पानी की कीमतों में भी भारी उछाल ला दिया है। देश के...

Water Bottled Price Hike:   मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का असर अब आपकी जेब और प्यास दोनों पर पड़ने लगा है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने न केवल कच्चे तेल को महंगा किया है, बल्कि भारत में बोतलबंद पानी की कीमतों में भी भारी उछाल ला दिया है। देश के करीब 5 अरब डॉलर के पानी बाजार में अब हलचल मची हुई है, क्योंकि बिसलेरी समेत कई बड़ी कंपनियों ने पानी के दामों में 8 से 11 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है।

आखिर क्यों लगी पानी की बोतल में महंगाई की आग?
इस बढ़ती कीमत के पीछे असली वजह पानी नहीं, बल्कि वह प्लास्टिक है जिसमें इसे भरा जाता है। पानी की बोतल और उसका ढक्कन बनाने के लिए 'पॉलिमर' का इस्तेमाल होता है, जो कच्चे तेल से बनता है। युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, जिससे बोतल बनाने वाले मटेरियल की लागत पिछले 15 दिनों में करीब 70% तक ऊपर चली गई है। प्लास्टिक की कीमत अब 170 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, जो पहले के मुकाबले 50% ज्यादा है। इतना ही नहीं, बोतल के ढक्कन की कीमत भी अब दोगुनी होकर 45 पैसे प्रति पीस हो गई है।

बिसलेरी के साथ अन्य ब्रांड्स पर भी असर
इस महंगाई को देखते हुए बाजार की दिग्गज कंपनी बिसलेरी ने सबसे ज्यादा 11% तक दाम बढ़ाए हैं। अब ग्राहकों को 1 लीटर वाली 12 बोतलों के बॉक्स के लिए 216 रुपये के बजाय 240 रुपये खर्च करने होंगे। बिसलेरी के अलावा पार्ले एग्रो के 'बैली' और 'क्लियर प्रीमियम' जैसे ब्रांड्स ने भी कीमतें बढ़ा दी हैं। माना जा रहा है कि कोका-कोला (किनले), पेप्सी (एक्वाफिना), रिलायंस (कैम्पा) और टाटा (हिमालयन) जैसी कंपनियां भी जल्द ही अपने रेट्स में बदलाव कर सकती हैं।

GST की राहत भी पड़ गई फीकी
हैरानी की बात यह है कि सरकार ने हाल ही में बोतलबंद पानी पर GST को 18% से घटाकर 5% किया था ताकि लोगों को सस्ता पानी मिल सके। लेकिन युद्ध के कारण बढ़ी मैन्युफैक्चरिंग लागत ने टैक्स में मिली इस पूरी राहत को खत्म कर दिया है। नतीजा यह है कि आम आदमी के लिए साफ पानी पीना अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा महंगा होता जा रहा है। 
 

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