नक्सल रोधी रणनीति के परिणाम दिख रहे हैं, 31 मार्च तक इस समस्या का खात्मा होगा जाएगा: अमित शाह

Edited By Updated: 08 Feb, 2026 05:24 PM

amit shah says left wing extremism will be completely eliminated by march 31

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रायपुर में सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद कहा कि सुरक्षा रणनीति, बुनियादी ढांचे के विकास और माओवादियों के वित्तीय नेटवर्क पर कार्रवाई से नक्सलवाद के खिलाफ ठोस सफलता मिली है। उन्होंने दावा किया कि 31 मार्च से पहले नक्सलवाद...

नेशनल डेस्क : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि सुरक्षा-केंद्रित रणनीति, बुनियादी ढांचे के विकास और माओवादी संगठनों के वित्तीय नेटवर्क पर प्रहार से वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) के खिलाफ लड़ाई में ठोस परिणाम सामने आए हैं। शाह ने इस बात पर जोर दिया कि 31 मार्च से पहले नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा। शाह ने ये टिप्पणी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद की।

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यह बैठक माओवादी उग्रवाद को समाप्त करने की केंद्र की 31 मार्च की समयसीमा से कुछ सप्ताह पहले आयोजित की गई। गृहमंत्री शाह ने बैठक की तस्वीरें सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा करते हुए कहा, "आज रायपुर में छत्तीसगढ़ सरकार व अधिकारियों के साथ नक्सल रोधी अभियानों पर समीक्षा बैठक की। सुरक्षा-केंद्रित रणनीति, बुनियादी ढांचे का विकास, नक्सलियों के वित्तीय नेटवर्क पर प्रहार और आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आये हैं और 31 मार्च से पहले नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो रहा है।"

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एक अधिकारी ने बताया कि नवा रायपुर अटल नगर स्थित एक होटल में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय गृह सचिव, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक और गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) शामिल हुए। उन्होंने बताया कि इसके अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के महानिदेशक, साथ ही छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड और तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक एवं कई वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा की सीमाओं से सटा हुआ है और लंबे समय से माओवादियों का गढ़ माना जाता रहा है। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में यहां नक्सल रोधी अभियानों में तेजी आई है, जिससे उग्रवादी गतिविधियां कम हुई हैं। बस्तर क्षेत्र में सात जिले शामिल हैं।

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पुलिस के अनुसार, जनवरी 2024 से अब तक छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ों के दौरान 500 से अधिक नक्सली मारे गए हैं, जिनमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू जैसे शीर्ष नक्सली भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इस दौरान राज्य में करीब 1,900 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 2,500 से अधिक ने आत्मसमर्पण किया है।

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