Edited By rajesh kumar,Updated: 25 Jan, 2023 08:32 PM

बेंगलुरु की एक दीवानी अदालत ने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की अचल संपत्तियों के निस्तारण के संबंध में जानकारी साझा करने से इनकार करने वाले लोक सूचना अधिकारी (पीआईओ) के आदेश को रद्द कर दिया है।
नेशनल डेस्क: बेंगलुरु की एक दीवानी अदालत ने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की अचल संपत्तियों के निस्तारण के संबंध में जानकारी साझा करने से इनकार करने वाले लोक सूचना अधिकारी (पीआईओ) के आदेश को रद्द कर दिया है। आरटीआई कार्यकर्ता टी नरसिंहमूर्ति ने जयललिता की उन वस्तुओं की नीलामी के संबंध में विशेष अदालत के निर्देशों पर जानकारी मांगी थी जो 11 दिसंबर, 1996 को उनके चेन्नई स्थित घर से जब्त की गयी थीं।
जयललिता और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामलों को 2003 में उच्चतम न्यायालय द्वारा कर्नाटक में स्थानांतरित कर दिया गया था और उनकी साड़ियां, शॉल, चप्पल समेत जब्त की गयी चीजों को बेंगलुरु भेज दिया गया। बेंगलुरु की विशेष अदालत ने 2014 में जयललिता और अन्य को मामले में दोषी करार दिया था।
नरसिंहमूर्ति ने इन चीजों की नीलामी के बारे में जानकारी मांगी थी। पीआईओ ने इस बारे में जानकारी देने से मना कर दिया था। तब नरसिंहमूर्ति ने प्रधान शहर दीवानी और सत्र न्यायाधीश का रुख किया जो आरटीआई के मामलों के लिए प्रथम अपीलीय प्राधिकार भी हैं। भाषा वैभव माधव