Edited By Tanuja,Updated: 11 Jan, 2026 03:16 PM

नॉर्वे दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी ब्योर्न इवर्सन ने कहा कि भारत में निवेश के लिए यह सबसे अनुकूल समय है। भारत-EFTA समझौते से शुल्क में कटौती, व्यापार विस्तार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में भारत-नॉर्वे आर्थिक सहयोग पर जोर दिया...
International Desk: नॉर्वे दूतावास के वाणिज्य परामर्शदाता और इनोवेशन नॉर्वे के कंट्री हेड ब्योर्न इवर्सन ने कहा है कि भारत में नए निवेशकों के लिए यह सबसे अच्छा समय है। उन्होंने यह बयान वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया। इवर्सन ने कहा कि भारत और नॉर्वे के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाने की दिशा में दोनों देश गंभीरता से काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल अक्टूबर में भारत और EFTA (जिसमें नॉर्वे शामिल है) के बीच एक अहम समझौता हुआ, जिसके तहत शुल्क में कटौती, व्यापार विस्तार और निवेश को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
बातचीत में उन्होंने कहा,“हम भारत-नॉर्वे व्यापार को बढ़ाना चाहते हैं। भारत-EFTA समझौते के बाद यह नए निवेशकों के लिए भारत आने का सबसे उपयुक्त समय है। हम यहां आकर्षक अवसर तलाशने आए हैं।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे।
11-12 जनवरी 2026 को आयोजित यह सम्मेलन कच्छ और सौराष्ट्र के 12 जिलों को समर्पित है, जिसका उद्देश्य पश्चिमी गुजरात में औद्योगिक विकास और निवेश को नई गति देना है। सम्मेलन में सिरेमिक, इंजीनियरिंग, पोर्ट्स व लॉजिस्टिक्स, मत्स्य पालन, पेट्रोकेमिकल्स, एग्रो-फूड प्रोसेसिंग, खनिज, ग्रीन एनर्जी, स्टार्टअप्स, MSME, पर्यटन और संस्कृति जैसे क्षेत्रों पर खास फोकस किया गया है। इस सम्मेलन के पार्टनर देश जापान, दक्षिण कोरिया, रवांडा और यूक्रेन हैं।