बांग्लादेश में एक बार फिर हिंदू युवक का बेरहमी से कत्ल, 25 दिन में 8वीं घटना

Edited By Updated: 12 Jan, 2026 09:34 PM

brutally killed a hindu youth in bangladesh once again

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की एक और भयावह घटना सामने आई है। फेनी जिले में कट्टरपंथियों ने 28 वर्षीय हिंदू युवक समीर कुमार दास की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी उसका ऑटो-रिक्शा भी छीनकर फरार हो गए। हैरानी की बात यह है कि घटना...

नेशनल डेस्क: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की एक और भयावह घटना सामने आई है। फेनी जिले में कट्टरपंथियों ने 28 वर्षीय हिंदू युवक समीर कुमार दास की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी उसका ऑटो-रिक्शा भी छीनकर फरार हो गए। हैरानी की बात यह है कि घटना के कई दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

इससे ठीक दो दिन पहले सुनामगंज जिले में एक और हिंदू युवक जॉय महापात्रो की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। परिजनों का आरोप है कि जॉय को एक स्थानीय व्यक्ति ने पहले बेरहमी से पीटा और फिर जहर दे दिया। इन लगातार घटनाओं ने पूरे हिंदू समुदाय में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

25 दिन में 8 हिंदुओं की हत्या, बढ़ता जा रहा खौफ

आंकड़े और भी डराने वाले हैं। बीते महज 25 दिनों में बांग्लादेश में 8 हिंदुओं की हत्या हो चुकी है। 18 दिसंबर को मयम सिंह जिले के भालुका इलाके में दीपू चंद्र दास को कट्टरपंथियों की भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। इसके छह दिन बाद, 24 दिसंबर को अमृत मंडल की हत्या कर दी गई।

12 दिसंबर 2025 को ढाका में इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी को गोली मारी गई थी, जिनकी बाद में सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद हालात और ज्यादा बिगड़ते चले गए और अल्पसंख्यकों पर हमलों का सिलसिला तेज हो गया।

अलग-अलग जिलों से सामने आए डरावने मामले

बांग्लादेश के कई इलाकों से हिंदुओं पर हमले और हत्याओं की खबरें सामने आई हैं। दीपू चंद्र दास, अमृत मंडल, बजेंद्र बिस्वास और खोकन चंद्र दास की हत्याओं ने पूरे समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। 5 जनवरी को जेसोर जिले में आइस फैक्ट्री मालिक राणा प्रताप बैरागी की हत्या कर दी गई, जो ‘बीडी खबर’ अखबार के कार्यकारी संपादक भी थे। इसी दिन नरसिंगड़ी जिले में दुकानदार शरत मणि चक्रवर्ती की भी हत्या हुई।

इन घटनाओं की पुष्टि बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने भी की है। संगठन के अनुसार, केवल दिसंबर महीने में ही सांप्रदायिक हिंसा की कम से कम 51 घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 10 हत्याएं, लूटपाट और आगजनी के 23 मामले, डकैती और चोरी की 10 घटनाएं, झूठे ईशनिंदा आरोपों में हिरासत और यातना के चार मामले, बलात्कार के प्रयास की एक घटना और शारीरिक हमलों के तीन मामले शामिल हैं।

भारत ने जताई कड़ी चिंता

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा को लेकर भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि कट्टरपंथियों द्वारा अल्पसंख्यकों, उनके घरों और कारोबार पर बार-बार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी सांप्रदायिक घटनाओं से सख्ती और तेजी से निपटा जाना चाहिए।

रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि इन हमलों को निजी रंजिश या राजनीतिक विवाद बताकर टालना गलत है, क्योंकि इससे अपराधियों और कट्टरपंथियों का मनोबल बढ़ता है। भारत ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा बेहद जरूरी है और इस तरह की घटनाओं को किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

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