Delhi में आधी रात में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बुलडोजर एक्शन, विरोध में पुलिस पर पथराव; छोड़े गए आंसू गैस के गोले

Edited By Updated: 07 Jan, 2026 06:08 AM

bulldozer action near faiz e ilahi mosque in delhi at midnight

दिल्ली के तुर्कमान गेट के पास मंगलवार देर रात अचानक हालात तनावपूर्ण हो गए, जब फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अवैध निर्माण हटाने के लिए नगर निगम (MCD) ने आधी रात को बड़ा बुलडोजर एक्शन शुरू किया। जैसे ही रात करीब 12 बजे के बाद कार्रवाई शुरू हुई, इलाके...

दिल्ली के तुर्कमान गेट के पास मंगलवार देर रात अचानक हालात तनावपूर्ण हो गए, जब फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अवैध निर्माण हटाने के लिए नगर निगम (MCD) ने आधी रात को बड़ा बुलडोजर एक्शन शुरू किया। जैसे ही रात करीब 12 बजे के बाद कार्रवाई शुरू हुई, इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

एमसीडी की ओर से करीब 30 बुलडोजर मौके पर लाए गए थे, जिनकी मदद से मस्जिद से सटे अवैध अतिक्रमण को गिराया गया। इस दौरान भारी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात रहे। हालांकि, कार्रवाई के विरोध में कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया, जिसके जवाब में पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

आधी रात क्यों शुरू हुआ बुलडोजर एक्शन?

एमसीडी की यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के तहत की गई। प्रशासन का कहना है कि फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बने बारात घर और एक डायग्नोस्टिक सेंटर सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए थे। इन्हें पहले ही नोटिस जारी कर 22 दिसंबर को अवैध घोषित किया जा चुका था। किसी तरह की बड़ी हिंसा या भीड़ जुटने से बचने के लिए यह कार्रवाई रात के समय की गई और पूरे इलाके को पहले से ही सुरक्षा घेरे में ले लिया गया था।

पुलिस और एमसीडी टीम पर हुआ पथराव

जैसे ही बुलडोजर चले, आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई और कुछ उपद्रवी तत्वों ने पुलिस और एमसीडी की टीम पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि इलाका कुछ देर के लिए युद्ध के मैदान जैसा नजर आने लगा। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने टियर गैस गन का इस्तेमाल किया और कई आंसू गैस के गोले छोड़े गए, ताकि भीड़ को तितर-बितर किया जा सके।

मस्जिद कमेटी और प्रशासन के दावे

  • प्रशासन का कहना है कि जिन ढांचों को गिराया गया, वे सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण थे और कार्रवाई पूरी तरह कोर्ट के आदेश और कानून के दायरे में की गई।

  • मस्जिद कमेटी का दावा है कि यह ढांचा करीब 100 साल पुराना है और इसे अवैध नहीं माना जाना चाहिए। कमेटी ने कोर्ट में याचिका भी दाखिल की थी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।

भारी सुरक्षा और ट्रैफिक डायवर्जन

किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए तुर्कमान गेट और आसपास के पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रात करीब 2 बजे से रास्तों को डायवर्ट कर दिया था। एंबुलेंस और आपात सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया था।

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