Edited By Anu Malhotra,Updated: 18 Mar, 2026 08:07 AM

19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व के लिए माता वैष्णो देवी का भवन पूरी तरह सज-धजकर तैयार है। विदेशी फूलों की महक और रंग-बिरंगी दूधिया रोशनी से पहाड़ियां जगमगा उठी हैं। इस बार श्राइन बोर्ड ने न केवल सुंदरता बल्कि श्रद्धालुओं की...
नेशनल डेस्क: 19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व के लिए माता वैष्णो देवी का भवन पूरी तरह सज-धजकर तैयार है। विदेशी फूलों की महक और रंग-बिरंगी दूधिया रोशनी से पहाड़ियां जगमगा उठी हैं। इस बार श्राइन बोर्ड ने न केवल सुंदरता बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को भी एक नए ऊंचे पायदान पर पहुंचा दिया है। प्रशासन को अंदेशा है कि इस साल भक्तों की तादाद पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी, इसीलिए चप्पे-चप्पे पर ऐसी तैयारी की गई है कि परिंदा भी पर न मार सके।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य की देखरेख में सुरक्षा का एक अभेद्य किला तैयार किया गया है। अब यात्रा मार्ग पर केवल जयकारे ही नहीं, बल्कि सुरक्षाबलों की क्विक रिस्पॉन्स टीमें भी मुस्तैद रहेंगी। पूरे रास्ते को तीसरी आंख यानी हाईटेक सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि अब श्रद्धा की इस राह पर चलने के लिए आपके पास 'डिजिटल पहचान' होना अनिवार्य है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि बिना RFID कार्ड के बाणगंगा से आगे कदम बढ़ाना नामुमकिन होगा। यह कार्ड न केवल भीड़ को संभालेगा बल्कि किसी भी आपात स्थिति में यात्री की सही लोकेशन भी बताएगा।
इतना ही नहीं, कटरा में रुकने वाले हर बाहरी व्यक्ति पर प्रशासन की पैनी नजर है। होटलों और धर्मशालाओं की नियमित जांच के साथ-साथ वहां काम करने वाले मजदूरों, टट्टू वालों और प्रवासियों का नए सिरे से वेरिफिकेशन किया जा रहा है। सेना, खुफिया विभाग और श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के बीच हुए इस तालमेल का एक ही मकसद है—भक्तों को एक सुरक्षित और निर्बाध दर्शन का अनुभव देना। इस बार की सुरक्षा व्यवस्था आधुनिक तकनीक और मुस्तैद जवानों का ऐसा संगम है, जो किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए काफी है।
सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि भक्तों की सहूलियत का भी खास ख्याल रखा गया है। आगजनी और गर्मी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए फायर ऑडिट और पेयजल की पुख्ता व्यवस्था की गई है। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए बैटरी कारों का संचालन आसान बनाया गया है, तो वहीं आरती और विशेष पूजा के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। कुल मिलाकर, इस नवरात्रि माता के दर्शन का अनुभव न केवल आध्यात्मिक होगा, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित भी रहेगा।