Edited By Rohini Oberoi,Updated: 03 Apr, 2026 01:15 PM
उत्तराखंड की आर्थिकी की रीढ़ मानी जाने वाली 'चारधाम यात्रा' इस साल मुश्किल दौर से गुजर रही है। 19 अप्रैल से शुरू होने वाली इस पावन यात्रा पर वैश्विक तनाव और युद्ध के बादलों ने ग्रहण लगा दिया है। यानी पिछले साल के मुकाबले करीब 6 लाख कम रजिस्ट्रेशन...
Chardham Yatra 2026 Registration Drop : उत्तराखंड की आर्थिकी की रीढ़ मानी जाने वाली 'चारधाम यात्रा' इस साल मुश्किल दौर से गुजर रही है। 19 अप्रैल से शुरू होने वाली इस पावन यात्रा पर वैश्विक तनाव और युद्ध के बादलों ने ग्रहण लगा दिया है। यानी पिछले साल के मुकाबले करीब 6 लाख कम रजिस्ट्रेशन हुए हैं जो सीधे तौर पर राज्य के पर्यटन उद्योग के लिए खतरे की घंटी है।
रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों में बड़ी गिरावट
आंकड़े गवाह हैं कि इस बार यात्रियों के मन में डर और अनिश्चितता का माहौल है:
पिछले साल: शुरुआती 26 दिनों में ही 17 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया था।

इस साल: यह संख्या सिमटकर मात्र 11,07,841 रह गई है।
यानी पिछले साल के मुकाबले करीब 6 लाख कम रजिस्ट्रेशन हुए हैं जो सीधे तौर पर राज्य के पर्यटन उद्योग के लिए खतरे की घंटी है। पिछले साल के मुताबिक श्रद्धालुओं के उत्साह में भारी कमी देखी जा रही है जिससे स्थानीय पर्यटन कारोबारी बेहद चिंतित हैं।
ट्रैवल और होटल कारोबारियों ने खींचे हाथ
युद्ध के वैश्विक हालातों ने स्थानीय व्यापारियों का गणित बिगाड़ दिया है:
ईंधन का डर: ट्रैवल ऑपरेटरों ने एडवांस बुकिंग लेने से मना कर दिया है। पर्यटन व्यवसायी दीपक बिष्ट के अनुसार, ईरान-अमेरिका तनाव के कारण कभी भी डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ सकते हैं। अगर आज के रेट पर बुकिंग ली और बाद में ईंधन महंगा हुआ तो भारी घाटा होगा।
होल्ड पर बुकिंग: होटल संचालकों का कहना है कि कपाट खुलने की तारीख घोषित होने पर बुकिंग अच्छी आ रही थी लेकिन अब नई बुकिंग बंद हो गई हैं और पुरानी बुकिंग भी 'होल्ड' पर डाल दी गई हैं।

लगातार दूसरे साल संकट
चारधाम यात्रा के लिए यह लगातार दूसरा चुनौतीपूर्ण साल है।
2025: पिछले साल भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव ने यात्रा को प्रभावित किया था।
2026: इस बार ईरान-अमेरिका संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता ने यात्रा शुरू होने से पहले ही संकट पैदा कर दिया है।
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गैस की किल्लत ने बढ़ाई मुश्किल
रजिस्ट्रेशन कम होने के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं का संकट भी खड़ा हो गया है। ऋषिकेश, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जैसे यात्रा पड़ावों पर होटल व रेस्टोरेंट संचालक कमर्शियल गैस की किल्लत से जूझ रहे हैं। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता के मुताबिक गैस सप्लाई सामान्य न होने से यात्रियों को सेवाएं देना मुश्किल हो रहा है।

सावधान: हेलीकॉप्टर बुकिंग में 'साइबर फ्रॉड'
प्रशासन ने यात्रियों को ठगी से बचने के लिए सख्त हिदायत दी है। चारधाम यात्रा के नाम पर फर्जी वेबसाइट्स के जरिए लोगों को लूटा जा रहा है।
जरूरी सलाह: यात्री केवल आधिकारिक पोर्टल heliyatra.irctc.co.in से ही हेलीकॉप्टर की बुकिंग करें। किसी अन्य लिंक या व्यक्ति को भुगतान न करें।