Edited By Parveen Kumar,Updated: 26 Feb, 2026 06:20 PM

भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने कहा कि दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कपड़े उतारकर किया गया प्रदर्शन कोई सामान्य विरोध नहीं था, बल्कि भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने की सुनियोजित...
नेशनल डेस्क : भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने कहा कि दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कपड़े उतारकर किया गया प्रदर्शन कोई सामान्य विरोध नहीं था, बल्कि भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने की सुनियोजित साज़िश थी। चुग ने कहा कि सामने आ रहे तथ्यों से स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि यह पूरा घटनाक्रम कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व राहुल गांधी और गांधी परिवार के इशारे पर रचा गया। देश की गरिमा को दांव पर लगाकर राजनीति करना कांग्रेस की आदत बन चुकी है।
चुग ने कहा कि इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि जिन लोगों पर समिट को बाधित करने का आरोप है, उन्हें हिमाचल प्रदेश में कथित रूप से संरक्षण दिया गया। यदि दिल्ली पुलिस वैध वारंट और ट्रांजिट रिमांड के आधार पर कार्रवाई करने पहुंची थी, तो उन्हें रास्ते में रोकना और वाहन जब्त करना संघीय ढांचे और विधि व्यवस्था की भावना के विपरीत है। कानून से ऊपर कोई राजनीतिक विचारधारा नहीं हो सकती।
चुग ने जोड़ा कि यदि किसी प्रक्रिया पर आपत्ति थी तो उसका समाधान संवैधानिक और कानूनी तरीके से होना चाहिए था। पुलिस बनाम पुलिस की स्थिति खड़ी करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि यह संदेश देता है कि कांग्रेस शासित राज्यों में राजनीतिक हित कानून से ऊपर रखे जा रहे हैं।
तरुण चुग ने कहा कि जो पार्टी सत्ता में आने से पहले अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने और ₹20,000 करोड़ का राजस्व जुटाने के बड़े-बड़े दावे करती थी, आज उसी पार्टी के वरिष्ठ नेता मलविंदर कंग प्रदेश में अवैध खनन और नेताओं-अधिकारियों की मिलीभगत की बात स्वीकार कर रहे हैं। यह बयान स्वयं AAP सरकार की विफलता का प्रमाण है।
चुग ने कहा कि पंजाब की जनता पूछ रही है कि क्या यही वह बदलाव था जिसका वादा किया गया था। क्या अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान अवैध खनन में शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई करेंगे? क्या भ्रष्टाचार के मामले दर्ज होंगे या फिर यह मुद्दा भी अन्य मामलों की तरह दबा दिया जाएगा?
चुग ने कहा कि यदि सत्ता और माइनिंग माफिया के बीच सांठगांठ है तो यह शासन की नैतिक पराजय है। पंजाब को पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन चाहिए, न कि माफिया संरक्षित व्यवस्था।
तरुण चुग ने कहा कि गुरदासपुर में एएसआई की हत्या और उसके बाद उठे फेक एनकाउंटर के आरोप पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की भयावह तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। लगातार अपराध, गैंगवार और पुलिस प्रतिष्ठानों पर हमले यह दर्शाते हैं कि अपराधियों में कानून का डर समाप्त हो चुका है।
चुग ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार न तो पीड़ित परिवारों को समयबद्ध न्याय दिला पाई है और न ही निर्दोष लोगों के साथ हो रहे अन्याय को रोक सकी है। शासन का मूल दायित्व निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
चुग ने कहा कि जब सरकार की प्राथमिकता प्रशासन के बजाय छवि प्रबंधन हो जाती है, तब व्यवस्था कमजोर होती है। पंजाब की जनता अब ऐसी सरकार चाहती है जो सख्ती, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ शासन कर सके।