कांग्रेस का मनरेगा अभियान भ्रष्टाचार बचाने के लिए: शिवराज सिंह चौहान

Edited By Updated: 04 Jan, 2026 01:45 PM

congress s mnrega scheme is a campaign to protect corruption

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को‘मनरेगा बचाओ संग्राम'अभियान की घोषणा के लिए कांग्रेस की कड़ी आलोचना की। मीडिया से बात करते हुए श्री चौहान ने कहा कि यह अभियान मनरेगा को बचाने के लिए नहीं बल्कि भ्रष्टाचार को बचाने के लिए है।

नेशनल डेस्क: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को‘मनरेगा बचाओ संग्राम'अभियान की घोषणा के लिए कांग्रेस की कड़ी आलोचना की। मीडिया से बात करते हुए श्री चौहान ने कहा कि यह अभियान मनरेगा को बचाने के लिए नहीं बल्कि भ्रष्टाचार को बचाने के लिए है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस को काम और भगवान राम से समस्या है। भ्रष्टाचार उनके डीएनए में है, और मनरेगा उस भ्रष्टाचार का प्रतीक बन गया था। श्रमिकों के बजाय, मशीनों और ठेकेदारों का उपयोग किया गया, और श्रम के नाम पर जेबें भरी गईं।' गौरतलब है कि कांग्रेस ने आगामी आठ जनवरी से मनरेगा बचाओ संग्राम नाम से एक देशव्यापी अभियान चलाने का ऐलान किया है।

कांग्रेस ने कहा था कि उनका यह अभियान 45 दिनों तक चलेगा और देश के सभी राज्यों, ज़लिों, ब्लॉकों और ग्राम पंचायतों में आयोजित किया जाएगा। इस संग्राम का उद्देश्य मनरेगा, 2005 में निहित संवैधानिक काम के अधिकार को बहाल करना है, जिसे सभी राजनीतिक दलों और राज्यों की व्यापक सहमति के साथ लागू किया गया था। श्री चौहान ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ग्राम सभाओं के किए गए सामाजिक अंकेक्षण के दौरान 10 लाख से अधिक शिकायतें मिलीं थीं। उन्होंने कहा कि काम के नाम पर एक ही सड़क बार-बार बनाई गई।

यही नहीं 80 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों को काम दिया गया और 30 प्रतिशत से अधिक श्रमिक 60 वर्ष से ऊपर के थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा को 8.48 लाख करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए गए हैं, जबकि यूपीए सरकार के दौरान यह लगभग 2 लाख करोड़ रुपये था। श्री चौहान ने कांग्रेस को 'झूठ की फैक्ट्री' की संज्ञा देते हुए कहा और पाटर्ी पर यह अफवाह फैलाने का आरोप लगाया कि इसमें श्रमिकों को काम नहीं मिलेगा।

उन्होंने कहा कि नई शुरू की गई‘विकसित भारत जी राम जी'योजना श्रमिकों के हितों की बेहतर रक्षा करती है, जिसमें 100 के बजाय 125 दिनों के गारंटीकृत रोजगार की पेशकश की गई है, काम उपलब्ध न होने पर बेरोजगारी भत्ते की सुनिश्चितता है, और देरी से भुगतान पर जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने कहा, 'सरकार की प्राथमिकता श्रमिकों को अधिक देना और गांव का विकास सुनिश्चित करना है। चालू वित्त वर्ष में 1,92,282 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

अब ग्राम सभाएं, पंचायतें और ग्रामीण तय करेंगे कि उनके गांवों में किन कार्यों की आवश्यकता है, जिसमें जल संरक्षण, स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी और सड़कें शामिल हैं।' श्री चौहान ने दावा किया कि विकसित भारत जी राम जी योजना मनरेगा से बेहतर है और कांग्रेस पर इसका विरोध करने का आरोप लगाया क्योंकि यह भ्रष्टाचार को खत्म करती है। उन्होंने लोकसभा बहसों में पाटर्ी की अनुपस्थिति पर चुनौती दी और उनसे गलत सूचना न फैलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के माध्यम से सच्चाई प्रदर्शित करेगी। 

 

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