Edited By Tanuja,Updated: 04 Jan, 2026 01:31 PM

अमेरिकी कार्रवाई में निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही वेनेजुएला और प्रवासी समुदायों में भावनाओं का विस्फोट हो गया। ब्यूनस आयर्स से लेकर वेनेजुएला के घरों तक लोग खुशी से रोते, झंडे लहराते और इसे दमनकारी दौर के अंत की शुरुआत बता रहे हैं।
International Desk: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अमेरिकी नेतृत्व वाली कार्रवाई में गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही वेनेजुएला और दुनिया भर में बसे उसके प्रवासी समुदायों में जबरदस्त भावनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। वर्षों से आर्थिक संकट, राजनीतिक दमन और असुरक्षा झेल रहे आम नागरिकों के लिए यह खबर किसी बड़े मोड़ से कम नहीं रही। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में वेनेजुएला के भीतर बेहद साधारण घरों में लोग मोबाइल फोन पर खबर पढ़ते हुए खुशी से रोते दिखाई दे रहे हैं। कहीं परिवार एक-दूसरे को गले लगाकर रोते-हंसते नजर आए, तो कहीं बच्चे उछल-कूद करते हुए जश्न मनाते दिखे। कई वीडियो में लोग कहते सुनाई दे रहे हैं कि “आखिरकार डर का दौर खत्म होने की उम्मीद जगी है।”
तेल-समृद्ध होने के बावजूद वेनेजुएला में वर्षों से महंगाई, बेरोजगारी, दवाओं और भोजन की कमी ने आम जनता की जिंदगी को मुश्किल बना दिया था। लाखों लोगों को देश छोड़कर पलायन करना पड़ा। ऐसे में मादुरो की गिरफ्तारी की खबर को लोग केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि अपने दर्द और संघर्ष की संभावित समाप्ति के संकेत के रूप में देख रहे हैं। इस घटनाक्रम का सबसे बड़ा जश्न अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में देखने को मिला, जहां हजारों वेनेजुएलन शरणार्थी सड़कों पर उतर आए। शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर वेनेजुएला के झंडे लहराए गए। लोग नारे लगाते, एक-दूसरे को गले लगाते और खुशी के आंसू बहाते नजर आए। कई शरणार्थियों ने कहा कि यह वही शासन था, जिसने उन्हें अपना घर, कारोबार और परिवार छोड़ने पर मजबूर किया।
प्रवासी समुदाय का कहना है कि मादुरो शासन के दौरान राजनीतिक दमन, मानवाधिकार उल्लंघन और आर्थिक बदहाली ने लाखों वेनेजुएलावासियों को देश से बाहर जाने पर मजबूर किया। इसलिए उनकी गिरफ्तारी उनके लिए न्याय, राहत और भविष्य की उम्मीद का प्रतीक बन गई है। विश्लेषकों के अनुसार, यह भावनात्मक प्रतिक्रिया इस बात को दर्शाती है कि मादुरो की गिरफ्तारी केवल एक सैन्य या राजनीतिक घटना नहीं है, बल्कि यह उन करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ी है जिन्होंने वर्षों तक संकट झेला। हालांकि आगे का रास्ता आसान नहीं होगा, लेकिन आम लोगों को लगता है कि यह क्षण वेनेजुएला के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत बन सकता है।