Edited By Harman Kaur,Updated: 26 May, 2025 11:57 AM

जाति जनगणना को लेकर केंद्र सरकार के रुख में आए बदलाव पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री के पिछले बयानों को उजागर करते हुए कहा कि अब वे उसी जाति जनगणना का श्रेय ले रहे हैं, जिसकी...
नेशनल डेस्क: जाति जनगणना को लेकर केंद्र सरकार के रुख में आए बदलाव पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री के पिछले बयानों को उजागर करते हुए कहा कि अब वे उसी जाति जनगणना का श्रेय ले रहे हैं, जिसकी वे पहले आलोचना करते थे।
जयराम रमेश ने पीएम मोदी के 2023 और 2024 में दिए गए दो बयानों का वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने जातिगत जनगणना की मांग को समाज को बांटने वाला और 'अर्बन नक्सल' सोच से प्रेरित बताया था। रमेश ने सोमवार को ‘एक्स' पर पोस्ट किया, "पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत के बीच की अवधि में 30 अप्रैल, 2025 को मोदी सरकार ने अप्रत्याशित रूप से और अचानक जाति जनगणना की घोषणा की। कल, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के मुख्यमंत्रियों की बैठक में प्रधानमंत्री ने उम्मीद के मुताबिक इसका पूरा श्रेय लिया।"
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के पहले के कुछ बयानों का वीडियो साझा करते हुए कहा, "जरा सुनिए, प्रधानमंत्री ने क्या कहा... जब 2 अक्टूबर, 2023 को बिहार जाति सर्वेक्षण के आंकड़े जारी किए गए और 28 अप्रैल, 2024 को जब कांग्रेस द्वारा जाति जनगणना की मांगों के बारे में उनसे सवाल पूछा गया था।"

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को कहा था कि जातिगत जनगणना उनकी सरकार के उस मॉडल की दिशा में एक कदम है जो हाशिये पर पड़े और हर क्षेत्र में पीछे रह गए लोगों को विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। राजग शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता देश की आत्मनिर्भरता की दिशा में हासिल की गई उपलब्धियों की पुष्टि भी है।