Edited By Seema Sharma,Updated: 10 Feb, 2023 01:08 PM

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2019 के जामिया नगर हिंसा मामले में छात्र नेता शरजील इमाम और आसिफ इकबाल तन्हा सहित 11 लोगों को आरोपमुक्त करने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की तत्काल सुनवाई की अर्जी शुक्रवार को स्वीकार कर ली।
नेशनल डेस्क: दिल्ली हाईकोर्ट ने 2019 के जामिया नगर हिंसा मामले में छात्र नेता शरजील इमाम और आसिफ इकबाल तन्हा सहित 11 लोगों को आरोपमुक्त करने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की तत्काल सुनवाई की अर्जी शुक्रवार को स्वीकार कर ली। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दिल्ली पुलिस की याचिका का उल्लेख चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ के समक्ष किया, जिसने इसे 13 फरवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति दी। मेहता ने कहा कि अदालत की रजिस्ट्री ने याचिका में कुछ आपत्तियां उठाई हैं।
निचली अदालत के 4 फरवरी के आदेश को चुनौती देते हुए पुलिस की ओर से सात फरवरी को याचिका दायर की गई थी। निचली अदालत ने 11 लोगों को आरोप मुक्त करने का आदेश दिया था और कहा था कि आरोपियों को पुलिस द्वारा ‘बलि का बकरा' बनाया गया था। निचली अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि असहमति की आवाज को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, न कि दबाया जाना चाहिए।
निचली अदालत ने, हालांकि, एक आरोपी मोहम्मद इलियास के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। जामिया नगर थाना पुलिस ने इमाम आसिफ इकबाल तन्हा, सफूरा जरगर, मोहम्मद कासिम, महमूद अनवर, शहजर रजा खान, मोहम्मद अबुजार, मोहम्मद शोएब, उमैर अहमद, बिलाल नदीम, चंदा यादव और मोहम्मद इलियास के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किए थे।