Edited By Anu Malhotra,Updated: 04 Apr, 2026 09:31 AM

सोने के गहने खरीदने वालों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है। बता दें कि अब सरकार सोने के बाजार में धोखाधड़ी को खत्म करने के लिए हॉलमार्किंग के नियमों को और अधिक सख्त बनाने जा रही है। अक्सर देखा गया है कि हॉलमार्किंग के बावजूद कुछ ज्वेलर्स कम कैरेट का...
नेशनल डेस्क: सोने के गहने खरीदने वालों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है। बता दें कि अब सरकार सोने के बाजार में धोखाधड़ी को खत्म करने के लिए हॉलमार्किंग के नियमों को और अधिक सख्त बनाने जा रही है। अक्सर देखा गया है कि हॉलमार्किंग के बावजूद कुछ ज्वेलर्स कम कैरेट का सोना बेचकर या सरकारी चिह्नों का गलत इस्तेमाल कर ग्राहकों को चूना लगाते थे। इसी गड़बड़ी को रोकने के लिए अब HUID यानी Hallmark Unique Identification कोड के इस्तेमाल को अनिवार्य कर दिया है।
क्या है HUID
यह 6 अंकों का एक विशेष अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे A2B1C4) होता है, जो अब हर एक गहने के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने साफ किया है कि एक बार जो कोड किसी अंगूठी या हार को मिल गया, वह हमेशा उसी का रहेगा। उस कोड का दोबारा किसी दूसरे गहने के लिए इस्तेमाल करना नामुमकिन होगा। ग्राहकों की सुरक्षा के लिए सलाह दी गई है कि वे केवल वही ज्वेलरी खरीदें जिस पर यह 6 अंकों का कोड अंकित हो। आप खुद भी 'BIS CARE' ऐप के जरिए इस कोड को स्कैन करके गहने की असलियत परख सकते हैं, जिससे नकली सामान खरीदने का जोखिम खत्म हो जाएगा।
हॉलमार्किंग की पूरी प्रक्रिया भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की देखरेख में चलती है, जिसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आपको वही क्वालिटी मिले जिसके लिए आप पैसे दे रहे हैं। लेकिन नियमों की सख्ती सिर्फ गहनों की शुद्धता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि खरीदारी के वित्तीय लेनदेन को लेकर भी सरकार काफी सतर्क है।
2 लाख रुपये से अधिक का सोना खरीदने पर देना होगा PAN कार्ड
वहीं अगर आप 2 लाख रुपये से अधिक का सोना खरीदते हैं, तो आपको अपना PAN कार्ड देना अनिवार्य होगा। साथ ही, 2 लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान आप कैश में नहीं कर सकते। इसके साथ ही यदि खरीदारी की रकम 10 लाख रुपये के पार जाती है, तो PAN कार्ड के साथ-साथ आपको आधार कार्ड और अपनी Income Proof भी देना होगा।