Edited By Radhika,Updated: 07 Apr, 2026 04:33 PM

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने देश के सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 10 अप्रैल से टोल बूथों पर Cash लेनदेन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। अब हाईवे पर फर्राटा भरने के लिए आपकी गाड़ी पर वैध FASTag होना जरुरी होगा।...
नेशनल डेस्क: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने देश के सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 10 अप्रैल से टोल बूथों पर Cash लेनदेन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। अब हाईवे पर फर्राटा भरने के लिए आपकी गाड़ी पर वैध FASTag होना जरुरी होगा। अगर आपकी गाड़ी में FASTag नहीं है या उसमें बैलेंस खत्म हो गया है, तो आपको टोल पार करने के लिए UPI का विकल्प तो मिलेगा, लेकिन यह महंगा साबित होगा। नए नियमों के मुताबिक, बिना FASTag वाले वाहनों को UPI से भुगतान करने पर सामान्य टोल दर का 1.25 गुना (25% अतिरिक्त) चुकाना होगा। यदि किसी टोल की सामान्य दर ₹100 है, तो बिना FASTag के UPI से पेमेंट करने पर आपको ₹125 देने होंगे। यह नियम इसलिए लाया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग FASTag का इस्तेमाल करें और टोल पर लगने वाली लंबी कतारों से मुक्ति मिल सके।
क्यों लिया गया यह कड़ा फैसला?
सरकार का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर 'जीरो वेटिंग टाइम' सुनिश्चित करना है। डिजिटल ट्रांजैक्शन से न केवल समय की बचत होती है, बल्कि ईंधन की बर्बादी भी कम होती है। आंकड़ों के अनुसार, देश में FASTag का इस्तेमाल रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच चुका है और अब तक 26.55 करोड़ से अधिक सफल ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए हैं।
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FASTag एनुअल पास का बढ़ता क्रेज
डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए NHAI ने एनुअल पास की सुविधा भी दी है। फिलहाल 50 लाख से ज्यादा यूजर्स इस पास का लाभ उठा रहे हैं, जिसमें ₹3000 के भुगतान पर साल भर में 200 बार टोल पार करने की सहूलियत मिलती है।