बुजुर्ग-दिव्यांग और कर्मचारियों को मिलेगा... चुनाव आयोग ने किया बड़ा ऐलान

Edited By Updated: 19 Mar, 2026 08:57 PM

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आगामी विधानसभा चुनावों से पहले Election Commission of India ने मतदाताओं को बड़ी राहत दी है। आयोग ने ऐसी व्यवस्था शुरू की है, जिसके तहत बुजुर्ग, दिव्यांग और जरूरी सेवाओं में लगे लोग बिना मतदान केंद्र जाए भी वोट डाल सकेंगे। अब ये लोग डाक मतपत्र...

नेशनल डेस्क : आगामी विधानसभा चुनावों से पहले Election Commission of India ने मतदाताओं को बड़ी राहत दी है। आयोग ने ऐसी व्यवस्था शुरू की है, जिसके तहत बुजुर्ग, दिव्यांग और जरूरी सेवाओं में लगे लोग बिना मतदान केंद्र जाए भी वोट डाल सकेंगे। अब ये लोग डाक मतपत्र (पोस्टल बैलट) के जरिए आसानी से अपना मताधिकार इस्तेमाल कर पाएंगे।

किन लोगों को मिलेगा यह लाभ

नई सुविधा का फायदा 85 साल से ज्यादा उम्र के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को मिलेगा। इसके अलावा, चुनाव के दिन ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी भी इसका उपयोग कर सकेंगे। इसमें स्वास्थ्य सेवाएं, फायर ब्रिगेड, बिजली विभाग, ट्रैफिक पुलिस, एम्बुलेंस सेवा, विमानन और लंबी दूरी के सरकारी परिवहन से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। साथ ही, चुनाव कवरेज करने वाले अधिकृत मीडिया कर्मियों को भी इस श्रेणी में रखा गया है।

कैसे कर सकते हैं आवेदन

डाक मतपत्र से वोट डालने के लिए पात्र मतदाताओं को फॉर्म 12D भरना होगा। यह फॉर्म चुनाव की अधिसूचना जारी होने के 5 दिनों के भीतर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के जरिए जमा करना होगा। इसके बाद मतदान दल खुद मतदाता के घर पहुंचकर वोट एकत्र करेगा। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखने के लिए उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को भी इसकी जानकारी दी जाएगी।

ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए खास व्यवस्था

जो मतदाता चुनाव के दिन ड्यूटी पर होंगे, उन्हें डाक मतपत्र दिया जाएगा। वे वोट डालकर इसे तय किए गए केंद्र पर जमा कर सकेंगे। आयोग ने इस प्रक्रिया में पूरी गोपनीयता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उम्मीदवारों की अंतिम सूची आने के बाद इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलट सिस्टम (ETPBS) के जरिए बैलट भेजे जाएंगे, जिससे प्रक्रिया तेज और आसान हो सके।

समयसीमा और अहम जानकारी

डाक मतपत्र से डाले गए सभी वोट मतगणना वाले दिन सुबह 8 बजे तक संबंधित अधिकारी के पास पहुंच जाने चाहिए। चुनाव आयोग का कहना है कि इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे और हर व्यक्ति लोकतंत्र में अपनी भागीदारी निभा सके।

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