Edited By Tanuja,Updated: 18 Oct, 2026 01:44 PM

फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर ने अस्पताल से दिए साक्षात्कार में बताया कि सह-पायलट ने पीछे से उनके सिर पर कुल्हाड़ी से हमला किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला। यात्रियों ने आरोपी को काबू किया और तीसरे पायलट...
Dubai: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हुए जानलेवा हमले की कहानी किसी डरावने फिल्मी दृश्य से कम नहीं है। अस्पताल के बिस्तर से संयुक्त अरब अमीरात के मीडिया संस्थानों ‘द नेशनल’ और ‘स्काई न्यूज अरबिया’ को दिए साक्षात्कार में कैप्टन ने बताया कि कैसे गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने खुद को संभाला और विमान में सवार यात्रियों की जान बचाने की कोशिश की। कैप्टन के मुताबिक, ओमानी सह-पायलट हम्माम अल-हमामी ने कॉकपिट में नमाज पढ़ने की बात कही थी। उन्होंने सम्मान के चलते पीछे मुड़कर नहीं देखा और विमान उड़ाने से जुड़े काम में लगे रहे। इसी दौरान सह-पायलट ने पीछे से उनके सिर पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। कैप्टन स्मित ने बताया कि वह विमान के कंप्यूटर पर समय और दूसरी जानकारियां देख रहे थे, तभी उनके सिर के पिछले हिस्से पर जोरदार वार हुआ। अचानक हुए हमले से उन्हें समझ ही नहीं आया कि किस चीज से मारा गया है।
उन्होंने बताया कि वार बेहद तेज था और वह बार-बार होश खोने लगे। गंभीर चोट के कारण उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी, लेकिन उन्हें एहसास था कि विमान में सवार लोगों की सुरक्षा दांव पर लगी है। कैप्टन स्मित ने अपने भीतर उठे संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उस समय उनके मन में एक ही बात थी कि वह इस तरह मौत के सामने हार नहीं मान सकते। उन्होंने बताया कि वह खून से लथपथ थे और बार-बार बेहोश हो रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने खुद को संभालने और कुछ करने की कोशिश जारी रखी। उनके अनुसार, विमान की स्थिति बेहद गंभीर थी और उन्हें लगा कि यदि उन्होंने तत्काल कदम नहीं उठाया, तो सब कुछ खत्म हो सकता है। कैप्टन की सबसे बड़ी चुनौती कॉकपिट का दरवाजा खोलना था। घायल होने के बावजूद उन्होंने अपनी बची हुई ताकत लगाई और दरवाजा खोलने में सफल रहे। कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद विमान में मौजूद यात्रियों ने अंदर पहुंचकर सह-पायलट को काबू कर लिया। इस दौरान एक अन्य पायलट ने विमान का नियंत्रण संभाला।
कैप्टन स्मित ने अपने साथी पायलट की भूमिका की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उस पायलट ने मुश्किल हालात में नियंत्रण संभाला और विमान को सुरक्षित उतारने में मदद की, उसे वह जिंदगी भर नहीं भूलेंगे। हमले के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। गंभीर रूप से घायल कैप्टन को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि आरोपी सह-पायलट को गिरफ्तार कर लिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी हम्माम अल-हमामी को पहले ओमान में उड़ान भरने से रोका गया था। उसके कथित चरमपंथी विचारों और पुराने रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ऐसे रिकॉर्ड के बावजूद उसे विमान उड़ाने की जिम्मेदारी कैसे मिली। हालांकि, विमान को जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त करने की कथित साजिश, उड़ान चुनने के पीछे आरोपी की मंशा और घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही की जानी चाहिए।
खबर के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर बातचीत कर उनके साहस की सराहना की थी। इस घटना ने विमानन सुरक्षा, कॉकपिट में चालक दल की निगरानी और पायलटों की पृष्ठभूमि की जांच को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। कैप्टन की बहादुरी और संकट के समय दिखाई गई सूझबूझ की चर्चा भारत और इजराइल में हुई है। हालांकि, उन्हें सर्वोच्च नागरिक या वीरता सम्मान दिए जाने पर विचार किए जाने संबंधी दावे की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। यह घटना याद दिलाती है कि विमान में आपात स्थिति के दौरान चालक दल की सूझबूझ, यात्रियों का सहयोग और त्वरित कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।