Edited By Radhika,Updated: 14 May, 2025 12:32 PM

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच तुर्की को पाकिस्तान को किए गए समर्थन से भारत में काफी नाराजगी है।
नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच तुर्की को पाकिस्तान को किए गए समर्थन से भारत में काफी नाराजगी है। इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर 'बॉयकॉट तुर्की' ट्रेंड कर रहा है, जिसका असर तुर्की के लोकप्रिय मनोरंजन जगत पर पड़ सकता है।
भारत की मदद भूला तुर्की, पाक से बढ़ा रहा नजदीकियां
विश्लेषकों का मानना है कि तुर्की का यह रुख उसकी रणनीतिक और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से प्रेरित है, लेकिन वह यह भूल गया कि जब उस पर प्राकृतिक आपदा आई थी, तो भारत ने बढ़-चढ़कर उसकी मदद की थी। अब पाकिस्तान के साथ उसकी बढ़ती दोस्ती और भारत के प्रति उसका रवैया उसे भारी पड़ सकता है।
'ऑपरेशन सिंदूर' से बौखलाया तुर्की, पाक को दे रहा साथ
पहलगाम हमले के जवाब में भारत द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता की जहां पूरी दुनिया ने सराहना की है, वहीं तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए इस ऑपरेशन की निंदा की है। इतना ही नहीं, रिपोर्ट्स के अनुसार, तुर्की ने पाकिस्तान को 300-400 ड्रोन भी उपलब्ध करवाए हैं और हर कदम पर उसका साथ दिया है, यह कहते हुए कि पाकिस्तान के साथ अन्याय हो रहा है।

टर्किश ड्रामा की लोकप्रियता खतरे में
पिछले कुछ वर्षों में भारत में टर्किश ड्रामा जैसे 'एर्तुरुल गाजी' और 'उस्मान' की लोकप्रियता में तेजी से वृद्धि हुई थी। रोमांटिक और पारिवारिक ड्रामा भारतीय दर्शकों के बीच काफी पसंद किए जा रहे थे। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कश्मीर मुद्दे सहित विभिन्न मसलों पर तुर्की द्वारा पाकिस्तान के पक्ष में की गई बयानबाजी से भारतीय दर्शकों की भावनाएं आहत हो सकती हैं।

सोशल मीडिया पर उबाल, 'बॉयकॉट तुर्की' ट्रेंड
तुर्की के इस रवैये के बाद भारतीय सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोग 'बॉयकॉट तुर्की' का नारा लगा रहे हैं, जिसका सीधा असर टर्किश ड्रामा की लोकप्रियता पर पड़ सकता है। अतीत में भी राजनीतिक कारणों से विदेशी उत्पादों और मनोरंजन सामग्री का बहिष्कार किया गया है।
अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है नकारात्मक प्रभाव
अगर भारत में टर्किश ड्रामा का बड़े पैमाने पर बहिष्कार होता है, तो इससे तुर्की के मनोरंजन उद्योग को बड़ा नुकसान हो सकता है, जिसका असर उसकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। मनोरंजन उद्योग किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
पहलगाम में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों द्वारा किए गए हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, जिसकी पूरी दुनिया ने निंदा की है। ऐसे में तुर्की का पाकिस्तान का समर्थन करना भारतीय लोगों को नागवार गुजरा है और इसका असर द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर भी देखने को मिल सकता है।