Edited By Radhika,Updated: 08 Jan, 2026 12:01 PM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध के बीच रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए एक बड़े 'आर्थिक हथियार' को हरी झंडी दे दी है। रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पुष्टि की है कि ट्रंप ने 'सेंक्शनिंग ऑफ रशिया एक्ट 2025' (Sanctioning of Russia Act...
Trump 500% tariff controversy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध के बीच रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए एक बड़े 'आर्थिक हथियार' को हरी झंडी दे दी है। रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पुष्टि की है कि ट्रंप ने 'सेंक्शनिंग ऑफ रशिया एक्ट 2025' (Sanctioning of Russia Act 2025) को मंजूरी दे दी है। यह रूस से तेल और यूरेनियम खरीदने वाले देशों के लिए 'आर्थिक काल' साबित हो सकता है। इस बिल के तहत रूस से व्यापार करने वाले देशों पर 500 % तक का भारी-भरकम आयात शुल्क (Tariff) लगाया जा सकता है।
भारत और चीन पर बढ़ेगा दबाव
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया पर बताया कि ट्रंप के साथ उनकी बैठक बेहद सफल रही। उन्होंने कहा, "यह बिल राष्ट्रपति ट्रंप को भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों पर दबाव बनाने की असीमित शक्ति देगा, ताकि वे पुतिन की 'जंग की मशीन' को फंड करना बंद करें।"
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह बिल कानून बनता है, तो अमेरिका में बिकने वाले भारतीय और चीनी उत्पादों की कीमतें आसमान छूने लगेंगी, जिससे व्यापारिक रिश्तों में भारी गिरावट आ सकती है।

क्या है इस बिल की मुख्य बातें?
- 500% टैक्स की मार: रूस से तेल या यूरेनियम खरीदने वाले देशों के सामान पर अमेरिका 500% तक टैरिफ लगा सकेगा।
- हफ्ते भर में वोटिंग: अमेरिकी संसद (Congress) में अगले हफ्ते इस पर वोटिंग होने की संभावना है।
- रूस की घेराबंदी: इसका मुख्य उद्देश्य रूस के राजस्व के स्रोतों को पूरी तरह सुखाना है ताकि वह यूक्रेन युद्ध को जारी न रख सके।
पीएम मोदी के साथ रिश्तों पर क्या बोले ट्रंप?
हाल ही में ट्रंप ने भारत को लेकर कड़े संकेत दिए। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी एक अच्छे इंसान हैं, लेकिन उन्हें पता है कि मैं (रूस से तेल खरीदने पर) खुश नहीं हूं। मुझे खुश रखना जरूरी था और अगर जरूरत पड़ी तो हम भारत पर टैरिफ बहुत तेजी से बढ़ा सकते हैं।"
चावल और खेती पर भी मंडराया खतरा
व्यापार युद्ध की आंच भारतीय कृषि क्षेत्र तक भी पहुंच गई है। अमेरिकी किसानों की शिकायतों के बाद ट्रंप ने भारतीय चावल पर भी नए टैक्स लगाने की धमकी दी है। अमेरिका चाहता है कि भारत अपने बाजार अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खोले, जबकि भारत अपने डेयरी और किसान क्षेत्र की सुरक्षा के लिए फिलहाल झुकने को तैयार नहीं है।