Edited By Sahil Kumar,Updated: 04 Jan, 2026 08:19 PM

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अगले पांच दिनों तक बारिश की संभावना है। पहले की बारिश से शहरी इलाकों में...
नेशनल डेस्कः उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच मौसम लगातार करवट बदल रहा है। पहाड़ों पर बर्फबारी और कोहरे के कारण गलन वाली ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग ने रविवार को ठंड बढ़ने की चेतावनी जारी की थी। अब ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने कहा कि बंगाल की खाड़ी में बन रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से 9 जनवरी तक भारी बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों ने सभी से सावधानी बरतने की अपील की है।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने बताया कि हाल के दिनों में तमिलनाडु में तापमान में गिरावट आई है। लोकल मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। रविवार सुबह 8.30 बजे तक इकट्ठा किए गए डेटा के मुताबिक, तिरुनेलवेली जिले के नालुमुक्कू में 5 सेंटीमीटर बारिश हुई, जो राज्य में सबसे ज्यादा थी।
दक्षिण बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से आने वाले दिनों में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में रुक-रुक कर हल्की बारिश होने की संभावना है। बारिश के साथ-साथ रात के तापमान में भी गिरावट आएगी।
बारिश के पीछे का कारण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बारिश का मुख्य कारण आसपास के समुद्रों पर मौजूद मौजूदा वायुमंडलीय सिस्टम है। दक्षिण-पूर्वी अरब सागर पर निचले स्तर का वायुमंडलीय ट्रफ और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन बारिश की स्थिति बना रहे हैं।
भारी बारिश के कारण नुकसान
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 7 जनवरी तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। पहले ही कई जिलों में चक्रवाती सिस्टम और उत्तर-पूर्वी मॉनसून की वजह से भारी बारिश हो चुकी है, जिससे शहरी क्षेत्रों में जलभराव, निचले इलाकों में बाढ़ और दक्षिणी जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा।
चेन्नई, तिरुनेलवेली और थूथुकुडी जैसे शहरों में तेज बारिश के दौरान ट्रैफिक जाम और ड्रेनेज ओवरफ्लो की घटनाएँ देखने को मिलीं। अंदरूनी इलाकों में किसानों ने बेमौसम बारिश के कारण नुकसान की सूचना दी। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी है, क्योंकि समुद्र की स्थिति भी अस्थिर हो सकती है।