Gold Rate: सोना खरीदना होगा मुश्किल, त्योहारी सीजन में ऐसी होगी स्थिति

Edited By Updated: 15 Sep, 2025 06:48 PM

gold rate difficult to buy tyohari season

भारत में त्योहारी सीजन के दौरान सोने की मांग पर इस बार महंगाई का असर साफ नजर आ रहा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड 1,09,840 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई हैं, जिससे आम खरीदारों, खासकर मध्यम वर्ग, की खरीदारी प्रभावित हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस...

नेशनल डेस्कः त्योहारी सीजन की रौनक इस बार सोने की कीमतों के बोझ तले दबती नजर आ रही है। दशहरा, धनतेरस और दिवाली जैसे पर्वों से पहले जहां बाजारों में चहल-पहल बढ़ जाती थी, वहीं इस बार रिकॉर्ड तोड़ कीमतों के चलते ग्राहकों के कदम ज्वेलरी शॉप तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। बीते सप्ताह सोने की कीमत 1,09,840 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सोने की मांग में 10% से 15% तक गिरावट हो सकती है। इस त्योहारी सीज़न में सोने की दुकानों पर वह रौनक देखने को नहीं मिल रही, जिसकी उम्मीद हर साल रहती है। इसका प्रमुख कारण है सोने की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी।

42% तक बढ़ोतरी

हाल ही में स्थानीय बाजार में सोने की कीमत 109,840 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है। 2024 में जहां कीमतों में करीब 21% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, वहीं 2025 में अब तक यह बढ़ोतरी 42% तक पहुंच चुकी है। इस भारी उछाल ने आम खरीदारों, खासकर मध्यम वर्ग, को सीधे तौर पर प्रभावित किया है।

ET की एक रिपोर्ट

ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार त्योहारी सीजन में सोने की मांग में 10% से 15% तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि जो लोग पहले 20 ग्राम सोना खरीदने का विचार कर रहे थे, अब वे अपनी खरीदारी 10 ग्राम या उससे भी कम तक सीमित कर सकते हैं।

 क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

सोने की कीमतों में यह असामान्य बढ़ोतरी वैश्विक बाजार की अस्थिरता, मुद्रास्फीति (महंगाई), डॉलर की मजबूती, और निवेशकों की सुरक्षित संपत्ति की ओर झुकाव के कारण देखी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना मजबूत बना हुआ है, जिससे घरेलू बाजार में कीमतों पर असर पड़ा है।

बढ़ती कीमतों के चलते लोग अब हल्के वजन वाले आभूषण, डिजिटल गोल्ड, या फिर छोटे और सीमित डिज़ाइनों की तरफ रुख कर रहे हैं। कई परिवारों ने खरीदारी टालने या फिर सिमित करने का भी फैसला लिया है। हालांकि परंपरा और आस्था के चलते पूरी तरह से मांग गायब नहीं होगी, लेकिन इस बार सोने की चमक थोड़ी फीकी पड़ना तय लग रही है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!