सावधान! नसों में दौड़ता 'गुस्सा' कहीं दिमाग की नस न फोड़ दे, इन 5 'खतरे की घंटियों' को कभी न करें इग्नोर, ब्रेन हेमरेज का घातक कनेक्शन

Edited By Updated: 19 Feb, 2026 03:28 PM

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी सेहत को अक्सर पीछे छोड़ देते हैं। जिसे हम मामूली सिरदर्द या तनाव समझकर नजरअंदाज करते हैं, वह असल में ब्रेन हेमरेज जैसी जानलेवा स्थिति का संकेत हो सकता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर...

नेशनल डेस्क: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी सेहत को अक्सर पीछे छोड़ देते हैं। जिसे हम मामूली सिरदर्द या तनाव समझकर नजरअंदाज करते हैं, वह असल में ब्रेन हेमरेज जैसी जानलेवा स्थिति का संकेत हो सकता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर दिमाग की महीन नसों के लिए एक 'टाइम बम' की तरह है। आइए जानते हैं कि कैसे अपनी जीवनशैली में छोटे बदलाव करके आप इस बड़े खतरे को टाल सकते हैं।

क्यों फट जाती हैं दिमाग की नसें?
जब शरीर में रक्त का दबाव (Blood Pressure) लगातार सामान्य सीमा से ऊपर बना रहता है, तो धमनियों की दीवारों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। लंबे समय तक यह दबाव रहने से दिमाग की कोमल नसें कमजोर होकर फूलने लगती हैं और अंततः फट जाती हैं। इसे ही ब्रेन हेमरेज कहा जाता है। इसके कारण मस्तिष्क के भीतर रक्त का रिसाव होता है, जो ब्रेन सेल्स को नष्ट कर देता है और व्यक्ति को लकवा या मृत्यु के करीब ले जा सकता है।

इन 5 'खतरे की घंटियों' को कभी न करें इग्नोर
डॉक्टरों के मुताबिक, ब्रेन हेमरेज होने से पहले या उसके दौरान शरीर ये स्पष्ट संकेत देता है:

असहनीय सिरदर्द: अचानक होने वाला ऐसा तेज सिरदर्द जो आपने पहले कभी महसूस न किया हो।

बोलने में लड़खड़ाहट: अचानक शब्दों का साफ न निकलना या दूसरों की बात समझने में दिक्कत होना।

अचानक कमजोरी: शरीर के एक हिस्से (चेहरे, हाथ या पैर) का सुन्न होना या कमजोरी महसूस करना।

धुंधली दृष्टि: आंखों के सामने अचानक अंधेरा छाना या एक ही चीज दो-दो (Double Vision) दिखाई देना।

संतुलन खोना: अचानक चक्कर आना और चलने-फिरने में तालमेल न बिठा पाना।

बचाव के अचूक मंत्र: ऐसे रखें बीपी को काबू में

High BP को नियंत्रित करना ही ब्रेन हेमरेज से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है:

नमक से दूरी: खाने में ऊपर से नमक लेना बंद करें और प्रोसेस्ड फूड से बचें।

एक्टिव लाइफस्टाइल: रोजाना कम से कम 30 मिनट की सैर, योग या प्राणायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

तनाव प्रबंधन: गहरी नींद लें और मानसिक शांति के लिए मेडिटेशन का सहारा लें।

नियमित जांच: अगर आपका बीपी 140/90 से ऊपर रहता है, तो इसे सामान्य न समझें। डॉक्टर के परामर्श से नियमित दवा लें।

डॉक्टर की सलाह कब है अनिवार्य?
यदि आपको अचानक बहुत तेज सिरदर्द के साथ उल्टी आए, या शरीर के किसी अंग में भारीपन महसूस हो, तो बिना एक मिनट गंवाए नजदीकी अस्पताल पहुंचें। याद रखें, ब्रेन हेमरेज के मामलों में 'गोल्डन आवर' (शुरुआती एक घंटा) मरीज की जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है।

याद रखें: आपकी सेहत आपके हाथ में है। बीपी की मशीन पर आने वाला नंबर सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, आपकी लंबी उम्र का सूचक है।

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