Edited By Parveen Kumar,Updated: 11 May, 2025 10:06 PM

पाकिस्तान की गोलाबारी में राजस्थान के झुंझुनूं जिले के सुरेंद्र मोगा शहीद हो गए। उनकी 11 वर्षीय बेटी वर्तिका ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह अपने पिता पर गर्व महसूस करती हैं। वर्तिका ने कहा कि उनके पापा बहुत अच्छे थे और दुश्मनों का खात्मा करते...
नेशनल डेस्क: पाकिस्तान की गोलाबारी में राजस्थान के झुंझुनूं जिले के सुरेंद्र मोगा शहीद हो गए। उनकी 11 वर्षीय बेटी वर्तिका ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह अपने पिता पर गर्व महसूस करती हैं। वर्तिका ने कहा कि उनके पापा बहुत अच्छे थे और दुश्मनों का खात्मा करते हुए वह शहीद हो गए। उसने बताया कि पापा से आखिरी बार 9 बजे रात को बात हुई थी। वह कह रही थी कि यहां पर ड्रोन तो उड़ रहे हैं, लेकिन हमले नहीं हो रहे और सब लोग सुरक्षित हैं।
वर्तिका ने यह भी कहा कि पाकिस्तान का नाम मिट जाना चाहिए और उसका खात्मा होना चाहिए। उसने यह भी कहा कि वह बड़ी होकर फौजी बनेगी और पापा की मौत का बदला लेकर आतंकियों को चुन-चुनकर मारेगी।
रविवार को शहीद सुरेंद्र मोगा का पार्थिव शरीर झुंझुनूं के मंडावा पहुंचा। यहां से उनका शव मेहरादासी गांव लाया जा रहा था, जहां गांव तक 10 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
सुरेंद्र मोगा के पिता भी भारतीय फौज में थे। उनका परिवार तीन बड़ी बहनों, एक छोटे भाई, पत्नी, 11 वर्षीय बेटी और 7 साल के बेटे से मिलकर बना है। सुरेंद्र मोगा का चयन भारतीय वायु सेना में 1 जनवरी 2010 को हुआ था और वह वर्तमान में उधमपुर एयर बेस पर तैनात थे। पाकिस्तान के हमले में वह शहीद हो गए।
उनकी पार्थिव देह को रविवार को सुबह 8 बजे दिल्ली लाया गया। यहां गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और फिर उनका शव उनके पैतृक गांव मेहरादासी भेजा गया, जहां सैन्य सम्मान से उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनकी शहादत को नमन किया है।