Edited By Rohini Oberoi,Updated: 27 Feb, 2026 12:56 PM

तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार बुजुर्ग माता-पिता के सम्मान और सुरक्षा के लिए एक बेहद कड़ा कानून लाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने घोषणा की है कि जो सरकारी कर्मचारी अपने माता-पिता की ठीक से देखभाल नहीं करेंगे उनके वेतन (Salary) से...
Telangana Parents Maintenance Law : तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार बुजुर्ग माता-पिता के सम्मान और सुरक्षा के लिए एक बेहद कड़ा कानून लाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने घोषणा की है कि जो सरकारी कर्मचारी अपने माता-पिता की ठीक से देखभाल नहीं करेंगे उनके वेतन (Salary) से कटौती की जाएगी। यह राशि सीधे उनके माता-पिता के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
मुख्यमंत्री का भावुक और सख्त संदेश
गुरुवार को नवनियुक्त ग्रुप-1 और ग्रुप-2 अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम (Training Program) के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा आज इन युवा अधिकारियों को यह प्रतिष्ठित नौकरियां अपने माता-पिता के त्याग और बलिदान की बदौलत मिली हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी है कि वे उनका उचित ख्याल रखें। सीएम ने बताया कि आगामी विधानसभा के बजट सत्र में एक विशेष विधेयक (Bill) पेश किया जाएगा। इसके तहत दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों की सैलरी का 10% से 15% हिस्सा काटकर उनके माता-पिता को गुजारे-भत्ते के रूप में दिया जाएगा।
बजट सत्र में पेश होगा विधेयक
सरकार इस योजना को कानूनी रूप देने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसे आने वाले विधानसभा सत्र में एक बिल के तौर पर पेश किया जाएगा। इस कानून का मुख्य उद्देश्य समाज में बुजुर्गों के प्रति बढ़ती उपेक्षा को रोकना और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
क्यों जरूरी है यह कानून?
अक्सर देखा गया है कि कई सरकारी कर्मचारी उच्च पदों पर पहुंचने के बाद अपने बुजुर्ग माता-पिता को बेसहारा छोड़ देते हैं।
-
आर्थिक सुरक्षा: यह कानून सुनिश्चित करेगा कि बुजुर्गों को किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े।
-
नैतिक जिम्मेदारी: कानून के जरिए अधिकारियों को उनकी पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह बनाया जाएगा।
-
सामाजिक बदलाव: तेलंगाना ऐसा कदम उठाने वाला देश का अग्रणी राज्य बनेगा जिससे अन्य राज्यों में भी सकारात्मक संदेश जाएगा।