Edited By Anu Malhotra,Updated: 19 Jan, 2026 11:40 AM

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए पैसों के लेनदेन से जुड़े नियमों और शुल्कों में बड़े बदलाव किए हैं। अगर आपका खाता SBI में है, तो अब ऑनलाइन पैसे भेजना और एटीएम से कैश निकालना आपके लिए थोड़ा महंगा साबित हो...
नेशनल डेस्क: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए पैसों के लेनदेन से जुड़े नियमों और शुल्कों में बड़े बदलाव किए हैं। अगर आपका खाता SBI में है, तो अब ऑनलाइन पैसे भेजना और एटीएम से कैश निकालना आपके लिए थोड़ा महंगा साबित हो सकता है। बैंक के ये नए नियम 15 फरवरी 2026 से प्रभावी होने जा रहे हैं।
मुख्य बदलाव IMPS (तत्काल भुगतान सेवा) को लेकर किया गया है। अब तक इंटरनेट बैंकिंग या योनो ऐप के जरिए पैसे भेजना पूरी तरह मुफ्त था, लेकिन अब 25,000 रुपये से ज्यादा की रकम भेजने पर आपको सर्विस चार्ज देना होगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि 25,000 रुपये तक के छोटे डिजिटल ट्रांजैक्शन अभी भी पहले की तरह बिल्कुल मुफ्त रहेंगे।
नया चार्ज चार्ट इस प्रकार है:
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25,000 से 1 लाख रुपये: 2 रुपये + GST
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1 लाख से 2 लाख रुपये: 6 रुपये + GST
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2 लाख से 5 लाख रुपये: 10 रुपये + GST
इसके साथ ही, बैंक ने एटीएम से जुड़ी फीस में भी बढ़ोतरी की है। दूसरे बैंकों के एटीएम से मुफ्त सीमा खत्म होने के बाद पैसे निकालने पर अब 23 रुपये और उस पर टैक्स (GST) देना होगा। सैलरी अकाउंट वालों को हर महीने 10 बार मुफ्त ट्रांजैक्शन की सुविधा मिलती रहेगी।
हालांकि, बैंक ने समाज के कुछ वर्गों और विशेष खाताधारकों को इन चार्जेस से राहत दी है। सेना और पुलिस कर्मियों के खाते (DSP, PMSP), शौर्य फैमिली पेंशन अकाउंट और 'SBI Rishtey' जैसे विशेष बचत खातों पर ये नए चार्ज लागू नहीं होंगे। बैंक का कहना है कि ब्रांच से होने वाले लेनदेन की फीस में कोई खास बदलाव नहीं किया गया है, यह मुख्य रूप से डिजिटल और एटीएम ट्रांजैक्शन को व्यवस्थित करने के लिए है।