Edited By Tanuja,Updated: 09 Jun, 2026 01:19 PM

Stockholm International Peace Research Institute की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत 2025 में 92.1 अरब डॉलर के रक्षा खर्च के साथ दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा सैन्य व्ययकर्ता रहा। रिपोर्ट में भारत-पाकिस्तान के सैन्य तनाव, परमाणु हथियारों के विस्तार और...
International Desk: वैश्विक रक्षा और सुरक्षा मामलों पर नजर रखने वाली संस्था Stockholm International Peace Research Institute (SIPRI) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार भारत वर्ष 2025 में 92.1 अरब अमेरिकी डॉलर के रक्षा बजट के साथ दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा सैन्य व्ययकर्ता रहा रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अपनी सैन्य क्षमताओं के आधुनिकीकरण और रणनीतिक तैयारियों को लगातार मजबूत कर रहा है। विशेष रूप से उसका ध्यान अब ऐसी मिसाइल और हथियार प्रणालियों के विकास पर है जो चीन के पूरे क्षेत्र तक पहुंचने में सक्षम हों। हालांकि पाकिस्तान के साथ पारंपरिक सुरक्षा प्रतिस्पर्धा भी भारत की रक्षा नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।
भारत और पाकिस्तान के परमाणु हथियारों का आंकड़ा
रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2026 तक भारत के पास अनुमानित रूप से लगभग 190 परमाणु हथियार थे, जबकि Pakistan के पास करीब 170 परमाणु हथियार मौजूद थे। सिपरी का कहना है कि भारत ने 2025 के दौरान अपने परमाणु भंडार में सीमित विस्तार किया और नई हथियार प्रणालियों के विकास पर काम जारी रखा। दूसरी ओर पाकिस्तान ने भी नई सैन्य तकनीकों के विकास और विखंडनीय सामग्री के भंडारण को आगे बढ़ाया, जिससे आने वाले वर्षों में उसके परमाणु शस्त्रागार के बढ़ने की संभावना जताई गई है।
भारत-पाक संघर्ष का भी जिक्र
रिपोर्ट में मई 2025 के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संक्षिप्त लेकिन गंभीर सैन्य टकराव का उल्लेख किया गया है। सिपरी के अनुसार इस दौरान भारत ने पाकिस्तानी हवाई और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि स्थिति के परमाणु स्तर तक बढ़ने की आशंका जरूर बनी थी, लेकिन दोनों देशों ने तनाव को नियंत्रित रखने और व्यापक युद्ध से बचने के प्रयास किए।
दुनिया में किस देश का रक्षा खर्च सबसे ज्यादा?
सिपरी की रिपोर्ट के अनुसार 2025 में दुनिया के सबसे बड़े सैन्य व्ययकर्ता देश इस प्रकार रहे:अमेरिका अब भी दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश बना हुआ है, जबकि चीन और रूस क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
- United States- 954 अरब डॉलर
- China- 336 अरब डॉलर
- Russia -190 अरब डॉलर
- Germany
- India- 92.1 अरब डॉलर
वैश्विक सैन्य खर्च में लगातार वृद्धि
रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 में वैश्विक सैन्य खर्च बढ़कर लगभग 2.9 ट्रिलियन डॉलर (2.9 हजार अरब डॉलर) तक पहुंच गया। यह लगातार 11वां वर्ष है जब दुनिया का रक्षा व्यय बढ़ा है। सिपरी ने यह भी चेतावनी दी कि आधुनिक युद्धों में साइबर अभियानों की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। 2025 के दौरान कई क्षेत्रीय संघर्षों में साइबर हमलों और डिजिटल युद्ध तकनीकों का व्यापक उपयोग देखने को मिला। रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2026 तक दुनिया के नौ देशों अमेरिका, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इज़राइल के पास कुल मिलाकर लगभग 12,187 परमाणु हथियार मौजूद थे।