Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 24 May, 2025 04:14 PM

भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी आवाज को और बुलंद करते हुए एक खास ऑल पार्टी डेलिगेशन विदेश भेजा है। इस डेलीगेशन में विभिन्न दलों के आठ सदस्य शामिल हैं जो चार देशों का दौरा कर पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उजागर करेंगे।
नेशनल डेस्क: भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी आवाज को और बुलंद करते हुए एक खास ऑल पार्टी डेलिगेशन विदेश भेजा है। इस डेलीगेशन में विभिन्न दलों के आठ सदस्य शामिल हैं जो चार देशों का दौरा कर पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उजागर करेंगे। वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी इस टीम का हिस्सा हैं। इस डेलीगेशन का मकसद सिर्फ पाकिस्तान की पोल खोलना नहीं है, बल्कि यह दिखाना भी है कि आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की सभी राजनीतिक पार्टियां एकजुट हैं। टीम में बीजेपी, AIMIM और अन्य दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं, जो यह साबित करते हैं कि जब बात राष्ट्रीय सुरक्षा की हो, तब राजनीति पीछे और देशहित आगे होता है।
कहां-कहां जाएगा प्रतिनिधिमंडल?
यह प्रतिनिधिमंडल बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब और अल्जीरिया की यात्रा करेगा। वहां के नेताओं और समुदायों से मुलाकात कर यह डेलीगेशन पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद, ऑपरेशन सिंदूर जैसी घटनाओं और जम्मू-कश्मीर में दशकों से जारी आतंकी फंडिंग के बारे में जानकारी साझा करेगा।
गुलाम नबी आजाद और ओवैसी की तस्वीर वायरल
गुलाम नबी आजाद ने X (पूर्व ट्विटर) पर असदुद्दीन ओवैसी के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "आज दिल्ली से एक ऑल पार्टी डेलिगेशन के हिस्से के रूप में रवाना हुआ हूं, जिसका उद्देश्य सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत का प्रतिनिधित्व करना है।" उन्होंने इसे अपने लिए गर्व की बात बताया और कहा कि दुनिया को अब सच जानना चाहिए।
कौन-कौन हैं टीम में?
इस 8 सदस्यीय टीम का नेतृत्व बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा कर रहे हैं। टीम में शामिल अन्य प्रमुख चेहरे हैं:
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गुलाम नबी आजाद
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असदुद्दीन ओवैसी
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निशिकांत दुबे (बीजेपी सांसद)
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फांगनोन कोन्याक (राज्यसभा सांसद)
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रेखा शर्मा (सांसद और पूर्व महिला आयोग प्रमुख)
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सतनाम सिंह संधू (सांसद)
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हर्षवर्धन श्रृंगला (पूर्व विदेश सचिव)
यह टीम चारों देशों में जाकर आतंकवाद के खिलाफ भारत के प्रयासों और पीड़ित समुदायों की पीड़ा को साझा करेगी।
पाकिस्तान को अलग-थलग करने की पहल
गुलाम नबी आजाद पहले भी आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की आलोचना कर चुके हैं। उनका कहना है कि "अब समय आ गया है कि पाकिस्तान को वैश्विक मंचों पर बेनकाब किया जाए।" भारत की यह कूटनीतिक पहल न केवल पाकिस्तान को दुनिया के सामने लाने की कोशिश है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाने की रणनीति भी है।