Edited By Anu Malhotra,Updated: 09 Jan, 2026 12:38 PM

रेल मंत्रालय ने भारतीय रेलवे में बड़े सुधार की घोषणा की है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 52 हफ्तों में 52 सुधार लागू करने का महत्वाकांक्षी योजना पेश की है, जिसका उद्देश्य यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना और जनरल कोच की संख्या बढ़ाना है। इस योजना के...
नेशनल डेस्क: रेल मंत्रालय ने भारतीय रेलवे में बड़े सुधार की घोषणा की है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 52 हफ्तों में 52 सुधार लागू करने का महत्वाकांक्षी योजना पेश की है, जिसका उद्देश्य यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना और जनरल कोच की संख्या बढ़ाना है। इस योजना के तहत किराया कम करने और सेवाओं को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। रेल मंत्री ने इस पहल को साकार करने के लिए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, सीईओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में दिल्ली स्थित रेल भवन में हाई लेवल बैठक की, जिसमें "52 हफ्तों में 52 सुधार" का एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया गया है। इस योजना का सीधा उद्देश्य रेलवे की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से बदलना और यात्रियों के अनुभव को विश्वस्तरीय बनाना है।
सुरक्षा में 'डिजिटल कवच' और AI का पहरा
रेलवे का सबसे बड़ा लक्ष्य सुरक्षा के आंकड़ों को 'सिंगल डिजिट' (इकाई अंक) में लाना है। पिछले एक दशक में हादसों की संख्या 135 से घटकर अब मात्र 11 रह गई है, लेकिन अब मंत्रालय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस टेक्नोलॉजी के जरिए इसे शून्य के करीब ले जाना चाहता है।
स्मार्ट मेंटेनेंस: Ai की मदद से ट्रेनों के रखरखाव और ऑपरेशंस की निगरानी होगी।
स्किलिंग: कर्मचारियों को नई तकनीक के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे आधुनिक चुनौतियों से निपट सकें।
आम आदमी की प्राथमिकता: जनरल और Non AC कोचों की बाढ़
मध्यम और निम्न आय वर्ग के यात्रियों के लिए रेलवे ने अपने खजाने खोल दिए हैं। किराए को वहनीय रखते हुए सुविधाओं को बढ़ाने के लिए रिकॉर्ड तोड़ कोच उत्पादन शुरू किया गया है:-
उत्पादन लक्ष्य: चालू और अगले वित्तीय वर्ष के लिए एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
नए डिब्बे: इस साल के अंत तक लगभग 4,838 नए एलएचबी (LHB) जनरल और नॉन-एसी स्लीपर कोच जोड़े जाएंगे।
आधुनिकरण: पुराने डिब्बों की जगह अब अधिक सुरक्षित और आरामदायक LHB कोच लेंगे।
थाली का स्वाद और सफर का आनंद
Railway अब केवल गंतव्य तक पहुंचाने का साधन नहीं, बल्कि बेहतर मेहमाननवाजी का केंद्र भी बनेगा। सुधारों की इस सूची में ऑनबोर्ड कैटरिंग और भोजन की गुणवत्ता को शीर्ष पर रखा गया है। यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों को दूर करने के लिए खान-पान की सेवाओं में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
प्रशासनिक मजबूती और विजन 2026
इस रणनीतिक बैठक में रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और रवनीत सिंह के साथ Railway Board के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। बैठक का सार यह रहा कि रेलवे अब अपनी 'governance' और 'service delivery' को निजी क्षेत्र की तर्ज पर तेज और पारदर्शी बनाना चाहता है।