Edited By Tanuja,Updated: 14 Jan, 2026 07:24 PM

पाकिस्तान यात्रा पर गई भारतीय सिख महिला सरबजीत कौर को स्थानीय मुस्लिम युवक से शादी के बाद गिरफ्तार कर लाहौर के सरकारी आश्रय गृह में भेज दिया गया। अदालत के आदेश के बावजूद पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठे हैं। महिला को निर्वासित करने की कोशिश भी नाकाम रही।
Islamabad: पाकिस्तान यात्रा के दौरान नवंबर में एक स्थानीय मुस्लिम से शादी करने वाली भारतीय सिख महिला को गिरफ्तार कर लाहौर के एक सरकारी आश्रय गृह में भेज दिया गया। पंजाब सरकार के सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। सरबजीत कौर (48) उन 2,000 सिख तीर्थयात्रियों में शामिल थीं, जिन्होंने गुरु नानक जयंती से संबंधित समारोहों में भाग लेने के लिए पिछले साल नवंबर में भारत से वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश किया था। कुछ दिनों बाद तीर्थयात्री वतन लौट गए, लेकिन कौर लापता हो गईं। लाहौर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बाद में बताया कि कौर ने पाकिस्तान पहुंचने के एक दिन बाद चार नवंबर को लाहौर से लगभग 50 किलोमीटर दूर शेखूपुरा जिले के नासिर हुसैन से शादी कर ली।
बाद में, कौर और हुसैन ने लाहौर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर शिकायत की कि पुलिस ने शेखूपुरा के फारूकाबाद स्थित उनके घर पर अवैध रूप से छापा मारा और उन पर शादी खत्म करने के लिए दबाव डाला। लाहौर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश फारूक हैदर ने पुलिस को आदेश दिया कि वे दंपति को प्रताड़ित करना बंद करे। पंजाब सरकार के एक सूत्र ने बताया, ‘‘अदालत के आदेश का पालन करने के बजाय, पंजाब पुलिस ने दंपति को गिरफ्तार कर लिया और कौर को लाहौर के दारुल अमान (सरकारी आश्रय गृह) भेज दिया।'' उन्होंने कहा कि अधिकारी कौर को निर्वासित करना चाहते हैं जबकि उनके पति एक मामले के चलते पुलिस हिरासत में हैं।
सूत्र ने कहा, ‘‘अधिकारियों ने कौर को निर्वासित करने का प्रयास किया था, लेकिन वाघा-अटारी सीमा बंद होने के कारण वे असफल रहे।" इससे पहले, एक वीडियो में कौर ने कहा कि उन्होंने अपने वीजा की अवधि बढ़वाने के लिए इस्लामाबाद में राजनयिक मिशन से संपर्क किया और पाकिस्तानी नागरिकता के लिए भी आवेदन किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं तलाकशुदा हूं और हुसैन से शादी करना चाहती थी; मैं यहां इसी उद्देश्य से आई हूं।'' निकाह समारोह से पहले कौर को नूर नाम दिया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हुसैन से खुशी-खुशी शादी की।'' लाहौर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि यह संदेह है कि वह एक ‘‘भारतीय जासूस'' हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद पाकिस्तान में रहना एक अवैध कृत्य है। यह मामला पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है।''