Edited By Rohini Oberoi,Updated: 02 Feb, 2026 12:33 PM

इंडोनेशिया के आचे प्रांत से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों की बहस छेड़ दी है। यहां एक प्रेमी जोड़े को शरिया कानून के उल्लंघन के आरोप में सार्वजनिक रूप से 140-140 कोड़े मारने की बर्बर सजा दी गई। सजा की...
नेशनल डेस्क। इंडोनेशिया के आचे प्रांत से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों की बहस छेड़ दी है। यहां एक प्रेमी जोड़े को शरिया कानून के उल्लंघन के आरोप में सार्वजनिक रूप से 140-140 कोड़े मारने की बर्बर सजा दी गई। सजा की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोड़ों की मार सहते-सहते महिला मंच पर ही बेहोश हो गई।
क्या था जुर्म और कैसे मिली सजा?
घटना आचे प्रांत के एक पब्लिक पार्क की है जहां सैकड़ों लोगों की भीड़ के सामने इस सजा को अंजाम दिया गया। जोड़े पर बिना शादी के शारीरिक संबंध बनाने (Pre-marital Sex) और शराब का सेवन करने का आरोप था। शरिया पुलिस के अनुसार बिना निकाह संबंध बनाने के लिए 100 कोड़े और शराब पीने के लिए 40 कोड़े तय हैं। इस प्रकार दोनों को कुल 140-140 बार बांस की छड़ी से पीटा गया। सजा के दौरान महिला की हालत इतनी बिगड़ गई कि वह सुध-बुध खो बैठी जिसके बाद उसे तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाना पड़ा।
कानून सबके लिए बराबर: पुलिस अधिकारी भी नहीं बचा
आचे की शरिया पुलिस प्रमुख मुहम्मद रिजल ने इस कार्रवाई को जायज ठहराते हुए कहा कि कानून सबके लिए एक समान है। इस घटना में कुल छह लोगों को सजा मिली जिनमें खुद एक शरिया पुलिस अधिकारी और उसकी महिला साथी भी शामिल थे। उन्हें 23-23 कोड़े मारे गए। प्रशासन का कहना है कि वे अपने कर्मचारियों की गलतियों को भी नजरअंदाज नहीं करते चाहे वह कितना भी शर्मनाक क्यों न हो।
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आचे: जहां चलता है अपना धार्मिक कानून
इंडोनेशिया एक मुस्लिम बहुल देश है लेकिन आचे एकमात्र ऐसा प्रांत है जहां पूरी तरह से इस्लामी शरिया कानून लागू है।
2001 में केंद्र सरकार ने इस प्रांत को Special Autonomy दी थी जिसके बाद यहां जुआ, शराब, समलैंगिकता और विवाहेतर संबंधों के लिए कोड़े मारना एक सामान्य कानूनी प्रक्रिया बन गई। एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसे कई संगठनों ने इस सजा को अमानवीय और क्रूर करार दिया है। उनका कहना है कि यह आधुनिक समाज में मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।