Edited By Rohini Oberoi,Updated: 02 Feb, 2026 11:57 AM

रिटायरमेंट के बाद जब शरीर साथ नहीं देता और कमाई के साधन कम हो जाते हैं तब सबसे बड़ी चिंता खर्च की होती है। खासकर उन लोगों के लिए जो दिहाड़ी मजदूरी, ड्राइवरी या रेहड़ी-पटरी जैसे असंगठित क्षेत्रों में काम करते हैं। आपकी इसी चिंता को खत्म करने के लिए...
Pension Scheme: रिटायरमेंट के बाद जब शरीर साथ नहीं देता और कमाई के साधन कम हो जाते हैं तब सबसे बड़ी चिंता खर्च की होती है। खासकर उन लोगों के लिए जो दिहाड़ी मजदूरी, ड्राइवरी या रेहड़ी-पटरी जैसे असंगठित क्षेत्रों में काम करते हैं। आपकी इसी चिंता को खत्म करने के लिए भारत सरकार की अटल पेंशन योजना (APY) एक वरदान साबित हो रही है। यह स्कीम आपको 60 साल के बाद सम्मानजनक जीवन जीने के लिए 'गारंटीड मंथली पेंशन' का भरोसा देती है।
क्या है अटल पेंशन योजना (APY)?
यह सरकार द्वारा संचालित एक ऐसी बचत योजना है जिसमें आप अपनी कार्यशील आयु (Working Age) के दौरान छोटा सा निवेश करते हैं और बदले में सरकार आपको आजीवन पेंशन की गारंटी देती है। आप अपनी सुविधा के अनुसार ₹1,000, ₹2,000, ₹3,000, ₹4,000 या ₹5,000 की मासिक पेंशन चुन सकते हैं। इसमें मिलने वाली राशि पर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता।
कौन कर सकता है आवेदन?
अटल पेंशन योजना से जुड़ना बेहद आसान है बस आपको इन शर्तों को पूरा करना होगा:
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नागरिकता: आवेदक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।
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आयु सीमा: आपकी उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
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बैंक खाता: आपके पास एक सक्रिय बैंक या डाकघर बचत खाता होना चाहिए।
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टैक्स: यह योजना मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है जो इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आते हैं।

निवेश का गणित: जल्दी जुड़ें, कम भरें
इस योजना में आपकी किस्त इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस उम्र में निवेश शुरू कर रहे हैं। इसे इस उदाहरण से समझें:
| प्रवेश आयु |
₹1,000 पेंशन के लिए (मासिक) |
₹5,000 पेंशन के लिए (मासिक) |
| 18 साल |
मात्र ₹42 |
मात्र ₹210 |
| 40 साल |
₹291 |
₹1,454 |
जितनी कम उम्र में आप शुरुआत करेंगे प्रीमियम उतना ही कम होगा। आप अपनी किस्त मासिक, तिमाही या छमाही आधार पर जमा कर सकते हैं।

60 साल के बाद मिलने वाले सुरक्षा कवच
60 की उम्र पूरी होने के बाद आपको निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:
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नियमित आय: जीवनभर हर महीने तयशुदा पेंशन।
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जीवनसाथी की सुरक्षा: यदि पेंशन धारक की मृत्यु हो जाती है, तो वही पेंशन उनके पति या पत्नी को मिलती रहेगी।
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नॉमिनी को पैसा: यदि पति-पत्नी दोनों का निधन हो जाता है तो पूरी जमा राशि (कॉर्पस) नॉमिनी को लौटा दी जाती है।
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टैक्स लाभ: निवेश की गई राशि पर धारा 80CCD के तहत टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है।
कैसे करें आवेदन?
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अपने उस बैंक की शाखा में जाएं जहां आपका खाता है।
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APY रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें और अपना आधार व मोबाइल नंबर लिंक करें।
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अपनी पसंद की पेंशन राशि (1 से 5 हजार) तय करें।
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ऑटो-डेबिट (Auto-debit) सुविधा शुरू करें ताकि हर महीने आपके खाते से किस्त अपने आप कट जाए।