Edited By Rahul Singh,Updated: 14 Jan, 2026 08:01 PM
इंटरनेट शटडाउन के चलते ईरान में पढ़ रहे भारतीय छात्रों और उनके परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच ईरान में रह रही जम्मू-कश्मीर की एक छात्रा का वीडियो संदेश सामने आया है, जिसमें वह अपने परिवार को अपनी सलामती की जानकारी देती नजर आ रही है।
नई दिल्ली : ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों ने हालात को बेहद गंभीर बना दिया है। बीते दो हफ्तों से जारी हिंसा में अब तक 2,500 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है। वहीं, इंटरनेट शटडाउन के चलते ईरान में पढ़ रहे भारतीय छात्रों और उनके परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच ईरान में रह रही जम्मू-कश्मीर की एक छात्रा का वीडियो संदेश सामने आया है, जिसमें वह अपने परिवार को अपनी सलामती की जानकारी देती नजर आ रही है।
‘मैं जिंदा हूं, ठीक हूं…’ छात्रा का भावुक संदेश
वीडियो में छात्रा कहती है, “अस्सलामुअलैकुम अम्मी-अब्बू, आप सब कैसे हैं? मैं यहां ठीक हूं। यह मेरी दोस्त शायसा का फोन है। उसी के फोन से मैं ये वीडियो रिकॉर्ड कर रही हूं, ताकि आप तक पहुंच सके और आपको पता चले कि मैं ठीक हूं, मैं जिंदा हूं।” छात्रा आगे अपने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहती है कि वे ज्यादा चिंता न करें। “मैं ठीक हूं, अच्छे से खा-पी रही हूं, मेरे पास पैसे भी हैं। यहां प्रोटेस्ट होते हैं, कभी ज्यादा, कभी कम, लेकिन टेंशन की बात नहीं है। मैं ज्यादातर अंदर ही रहती हूं।” वह बताती है कि ईरान में शाम के समय कर्फ्यू जैसी स्थिति रहती है, लेकिन फिलहाल हालात संभाले हुए हैं। छात्रा कहती है, “अगर सरकार ने घर लौटने को कहा तो हम आएंगे, लेकिन आप इंतजार मत करना। सब ठीक है, बस दुआ करना।”
परिजनों में बढ़ी बेचैनी
इंटरनेट बंद होने के कारण बच्चों से संपर्क नहीं हो पाने से देशभर में, खासकर जम्मू-कश्मीर के अभिभावकों में चिंता का माहौल है। श्रीनगर में टीवी9 भारतवर्ष से बात करते हुए परिजनों ने कहा कि ईरान के हालात ठीक नहीं हैं और वहां पढ़ रहे छात्रों को जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाना चाहिए। परिजनों का कहना है कि इंटरनेट सेवाएं बाधित होने से वे बच्चों को पैसे तक नहीं भेज पा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई है कि सभी छात्रों को सुरक्षित स्वदेश लाया जाए।
‘छात्र सुरक्षित हैं, लगातार संपर्क में हैं’
ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) और FAIMA डॉक्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद मोमिन ने स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंटरनेट बंद होने के बावजूद कई छात्रों ने वैकल्पिक तरीकों से संपर्क किया है। डॉ. मोमिन के अनुसार, कुछ छात्र इराक बॉर्डर के पास पहुंच गए थे, जहां से उन्होंने टेक्स्ट मैसेज के जरिए जानकारी दी कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।
ईरान में करीब 3,000 भारतीय छात्र, 1,800 कश्मीर से
डॉ. मोमिन ने बताया कि इस समय ईरान में करीब 3,000 भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से 2,000 से ज्यादा छात्र एमबीबीएस और बीडीएस जैसे मेडिकल कोर्स कर रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें करीब 1,800 छात्र जम्मू-कश्मीर से हैं। उन्होंने कहा कि वे सभी छात्रों के सीधे संपर्क में हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
भारतीय दूतावास की एडवाइजरी जारी
भारतीय दूतावास ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी की है। इसमें छात्रों को हॉस्टल में रहने, इंडोर गतिविधियों तक सीमित रहने और बिना जरूरत बाहर न निकलने के निर्देश दिए गए हैं। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
24 जनवरी तक कक्षाएं और परीक्षाएं सस्पेंड
मौजूदा हालात को देखते हुए ईरान में 24 जनवरी तक सभी कक्षाएं और परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। हालांकि इंटरनेट बंद होने के कारण छात्रों की पढ़ाई और परिवार से संपर्क दोनों प्रभावित हो रहे हैं। डॉ. मोमिन ने बताया कि तेहरान यूनिवर्सिटी, शहीद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी, अहवाज़ और इस्फ़हान समेत कई शहरों से छात्रों के फोन और मैसेज लगातार आ रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों को सही जानकारी देने के लिए एक विशेष व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया गया है, जिसमें करीब 1,800 अभिभावक जुड़े हुए हैं। इस ग्रुप के जरिए दूतावास की एडवाइजरी, छात्रों की स्थिति और ताजा अपडेट्स साझा किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की अफवाह से बचा जा सके।