Edited By Radhika,Updated: 15 Jan, 2026 04:04 PM

आज के इस दौर पर अगर आप एक महंगा फोन खरीदना चाहते हैं, लेकिन आपके पास मौजूदा समय में उतने पैसे नहीं हैं तो आपके पास EMI का ऑप्शन भी अवेलेबल है। लोग सामान खरीदकर लंबे समय के लिए EMI करवा लेते हैं, जिससे आप आसानी से हर महीने थोड़ी- थोड़ी कर रकम दे सकते...
नेशनल डेस्क: आज के इस दौर पर अगर आप एक महंगा फोन खरीदना चाहते हैं, लेकिन आपके पास मौजूदा समय में उतने पैसे नहीं हैं तो आपके पास EMI का ऑप्शन भी अवेलेबल है। लोग सामान खरीदकर लंबे समय के लिए EMI करवा लेते हैं, जिससे आप आसानी से हर महीने थोड़ी- थोड़ी कर रकम दे सकते हैं, इससे आप पर बोझ भी कम होता है। EMI के इस दौर में "सिर्फ ₹1,999 प्रति माह" – यह एक लाइन आज भारत के मिडिल क्लास के लिए नया स्टेटस सिंबल बन गई है। फेस्टिव सेल हो या किसी बड़े ब्रांड का फ्लैगशिप लॉन्च, आसान EMI के वादों ने महंगे फोन्स को हमारी पहुंच में तो ला दिया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपभोक्ताओं को एक अंतहीन कर्ज के चक्र में फंसा रहा है।
फोन नहीं, अब 'सब्सक्रिप्शन' खरीद रहे हैं आप
एक समय था जब लोग फोन खरीदकर उसे 3-4 साल तक चलाते थे। अब यह पैटर्न बदलकर 6 से 12 महीने रह गया है। इसके पीछे सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि 'EMI का लालच' है। लोग अब फोन को एक डिवाइस नहीं बल्कि एक 'सब्सक्रिप्शन' की तरह देख रहे हैं। एक साल EMI भरी, नया मॉडल आया, पुराना एक्सचेंज किया और फिर से नई EMI शुरू। कई यूजर्स तो पिछले 10 साल से लगातार मोबाइल की किश्तें ही भर रहे हैं।
No-Cost EMI: मुफ्त नहीं है यह सौदा
कंपनियां जिसे 'No-Cost' कहती हैं, उसकी असल कीमत आपकी जेब से ही जाती है।
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डिस्काउंट का नुकसान: अगर आप नकद भुगतान करते हैं, तो अक्सर 5% से 7% तक की सीधी छूट मिल जाती है। EMI चुनते ही यह डिस्काउंट खत्म हो जाता है।
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छिपी हुई लागत: प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज और ब्याज पर लगने वाला 18% GST आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ डालता है।
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पेनल्टी का खतरा: एक भी किश्त चूकने पर भारी लेट फीस और आपके सिबिल (CIBIL) स्कोर पर बुरा असर पड़ता है, जो भविष्य में मिलने वाले होम लोन या कार लोन की राह मुश्किल कर देता है।

एक्सचेंज ऑफर और डेटा की हकीकत
मार्केट एनालिसिस के अनुसार, 2024 तक भारत में बिकने वाले 48% स्मार्टफोन क्रेडिट या EMI पर खरीदे गए हैं। 2019 में यह आंकड़ा केवल 22% था। एक्सचेंज ऑफर के तहत पुराने फोन की जो कीमत बताई जाती है, उसमें अक्सर 'एक्सचेंज बोनस' का हिस्सा होता है, जो असल में आपके नए फोन की EMI में ही एडजस्ट कर दिया जाता है