कर्नाटक हाईकोर्ट ने फिर सुनाया अलग फैसला, 18 साल से कम उम्र के विवाह को दी मान्यता

Edited By Updated: 25 Jan, 2023 07:31 PM

karnataka high court again gave a different verdict

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि वधू की उम्र 18 वर्ष से कम हो तो भी हिंदू विवाह अधिनियम के तहत शादी को अमान्य करार नहीं दिया जा सकता

नेशनल डेस्कः कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि वधू की उम्र 18 वर्ष से कम हो तो भी हिंदू विवाह अधिनियम के तहत शादी को अमान्य करार नहीं दिया जा सकता। राज्य में एक निचली अदालत ने अधिनियम की धारा 11 के तहत एक विवाह को अमान्य घोषित कर दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने यह जिक्र किया कि इस धारा में वधू की उम्र 18 वर्ष होने की शर्त शामिल नहीं है। परिवार अदालत के फैसले को पलटते हुए हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति एस विश्वजीत शेट्टी की पीठ ने 12 जनवरी के अपने फैसले में कहा, ‘‘अधिनियम की धारा 11 अमान्य विवाहों से संबद्ध है।

अधिनियम यह प्रावधान करता है कि इसके लागू होने के बाद किया गया कोई भी विवाह अमान्य होगा और अदालत किसी भी पक्ष द्वारा दायर की गई याचिका पर इसे निष्प्रभावी घोषित कर सकती है, बशर्ते कि यह अधिनियम की धारा 5 के एक,चार और पांच उपबंध का उल्लंघन करता हो।''

हाईकोर्ट ने कहा, ‘‘इस तरह यह स्पष्ट है कि धारा पांच के उपबंध तीन के अधिनियम की धारा 11 के परिदृश्य से विलोपित कर दिया गया है।'' यह उपबंध प्रावधान करता है कि विवाह के समय वधू की उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने आठ जनवरी 2015 को निचली अदालत द्वारा जारी आदेश को निरस्त करते हुए कहा, ‘‘निचली अदालत का आदेश विषय के उपरोक्त पहलू पर गौर करने में नाकाम रहा।''

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