Edited By Radhika,Updated: 28 Feb, 2026 04:46 PM

ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी भीषण जंग और पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में बिगड़ते हालातों को देखते हुए केरल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों मलयाली प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक...
इंटरनेशनल डेस्क: ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी भीषण जंग और पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में बिगड़ते हालातों को देखते हुए केरल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों मलयाली प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक समर्पित हेल्पडेस्क (Dedicated Helpdesk) स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
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तनाव की वजह
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरानी ठिकानों पर किए गए संयुक्त हमले के बाद तनाव चरम पर पहुंच गया है। जवाब में ईरान ने इजरायल पर लगभग 30 मिसाइलें दागकर जवाबी कार्रवाई की है। ऐसी खबरें हैं कि बहरीन (जहाँ अमेरिकी पांचवां बेड़ा स्थित है) में भी धमाके सुने गए हैं, जिससे युद्ध के पूरे क्षेत्र में फैलने की आशंका बढ़ गई है। सुरक्षा के मद्देनजर कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अस्थायी रूप से अपने एयरस्पेस बंद कर दिए हैं।
केरल सरकार की तैयारी और 'नोर्का' (NORKA) की भूमिका
केरल की अर्थव्यवस्था और लाखों परिवारों की आजीविका खाड़ी देशों से आने वाले प्रेषण पर टिकी है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने नोर्का (Non-Resident Keralites Affairs) विभाग को अलर्ट पर रखा है।
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रियल-टाइम मॉनिटरिंग: हेल्पडेस्क पल-पल की स्थिति पर नजर रखेगा।
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दूतावासों से समन्वय: भारतीय दूतावासों के साथ मिलकर प्रवासियों को सुरक्षित रखने और जरूरी सलाह (Advisory) देने का काम करेगा।
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परिवारों को सहायता: केरल में रहने वाले उन परिवारों की चिंताओं को दूर किया जाएगा जिनके सदस्य खाड़ी देशों में कार्यरत हैं।
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भारतीय नागरिकों के लिए सलाह
भारत सरकार और विदेश मंत्रालय ने खाड़ी देशों में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को संबंधित देशों में मौजूद भारतीय दूतावासों के निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है। अधिकारियों ने इस कदम को एहतियाती लेकिन वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए बेहद आवश्यक बताया है।