Edited By Parveen Kumar,Updated: 10 Apr, 2026 08:54 PM

ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक उसकी प्रमुख शर्तें पूरी नहीं होतीं, वह किसी भी तरह की वार्ता में शामिल नहीं होगा। संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़ेर ग़ालिबफ़ ने शुक्रवार को यह सख्त रुख़ अपनाते हुए अमेरिका और सहयोगी देशों को स्पष्ट संदेश दिया।
नेशनल डेस्क : ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक उसकी प्रमुख शर्तें पूरी नहीं होतीं, वह किसी भी तरह की वार्ता में शामिल नहीं होगा। संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़ेर ग़ालिबफ़ ने शुक्रवार को यह सख्त रुख़ अपनाते हुए अमेरिका और सहयोगी देशों को स्पष्ट संदेश दिया।
सीज़फायर और संपत्ति रिलीज़ को बताया पहली शर्त
ग़ालिबफ़ ने कहा कि बातचीत शुरू होने से पहले दो अहम मुद्दों का समाधान जरूरी है- लेबनान में सीज़फायर और ईरान की रोकी गई संपत्ति को जारी करना। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इन दोनों मामलों पर पहले सहमति बन चुकी है, लेकिन अब तक इन्हें लागू नहीं किया गया है। ऐसे में बिना इन शर्तों को पूरा किए आगे बढ़ना संभव नहीं है।
ईरान का सख्त रुख, कूटनीतिक दबाव बढ़ा
ग़ालिबफ़ ने दोहराया कि जब तक तय किए गए कदम पूरे नहीं होते, तब तक वार्ता शुरू नहीं हो सकती। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में कूटनीतिक हल निकालने के प्रयास तेज़ हो रहे हैं, लेकिन ईरान ने अपने रुख में किसी भी तरह की नरमी के संकेत नहीं दिए हैं।
विदेश मंत्री ने भी अमेरिका को घेरा
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी अमेरिका पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे अपने दायित्वों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लेबनान को सीज़फायर में शामिल करना और इज़रायली हमलों को रोकना समझौते की बुनियादी शर्तें हैं। अरागची ने चेतावनी दी कि अगर लेबनान में हालात नहीं सुधरे, तो व्यापक सीज़फायर व्यवस्था कमजोर पड़ सकती है।
अमेरिका की चेतावनी, वैंस पाकिस्तान रवाना
इसी बीच, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वैंस शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद रवाना हो रहे हैं। रवाना होने से पहले उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि वह अमेरिका के साथ “खेल” न खेले। वैंस की यह यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच काफी अहम मानी जा रही है।