Edited By Pardeep,Updated: 26 Mar, 2026 11:39 PM
भारत सरकार ने बृहस्पतिवार को साफ किया कि देश में लगभग 60 दिन का तेल भंडार उपलब्ध है और एक महीने की एलपीजी आपूर्ति की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। सरकार ने स्पष्ट कहा कि पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है। कमी की खबरों को सरकार ने ‘जानबूझकर...
नेशनल डेस्कः भारत सरकार ने बृहस्पतिवार को साफ किया कि देश में लगभग 60 दिन का तेल भंडार उपलब्ध है और एक महीने की एलपीजी आपूर्ति की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। सरकार ने स्पष्ट कहा कि पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है। कमी की खबरों को सरकार ने ‘जानबूझकर फैलाया गया गलत सूचना अभियान’ बताया है, जिसका उद्देश्य लोगों में घबराहट फैलाना और खरीदारी बढ़ाना है।
पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरकों पर लंबी कतारों और घबराहट में खरीदारी की खबरों के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार कच्चे तेल, ईंधन और एलपीजी के भंडार का पूरा ब्योरा जारी किया। इसका मकसद लोगों की चिंता दूर करना है।
कहीं नहीं है ईंधन की कमी
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने भी कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। मंत्रालय के अनुसार, देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त भंडार मौजूद है और वे सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। कहीं भी पेट्रोल या डीजल की राशनिंग नहीं की जा रही है।
कैश-एंड-कैरी से आई कुछ दिक्कतें, सरकार ने उठाए कदम
बयान में कहा गया कि खासकर छोटे शहरों में कुछ पेट्रोल पंपों को ‘कैश-एंड-कैरी’ (नकद भुगतान) प्रणाली लागू होने के कारण अस्थायी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसे देखते हुए पेट्रोल पंपों को मिलने वाली क्रेडिट सीमा को एक दिन से बढ़ाकर तीन दिन से अधिक कर दिया गया है, ताकि कार्यशील पूंजी की कमी के कारण कहीं भी सप्लाई प्रभावित न हो।
60 दिन का भंडार, 74 दिन की क्षमता
मंत्रालय के अनुसार, देश के पास कुल 74 दिनों की भंडारण क्षमता है और वर्तमान में लगभग 60 दिन का वास्तविक स्टॉक मौजूद है, जिसमें कच्चा तेल, तैयार उत्पाद और रणनीतिक भंडार शामिल हैं। अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है, जिससे आने वाले महीनों में किसी संकट की संभावना नहीं है।
एलपीजी की भी पूरी व्यवस्था
एलपीजी को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। करीब 8,00,000 टन एलपीजी कार्गो पहले ही सुरक्षित कर लिया गया है, जिससे एक महीने की आपूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित है। देश में एलपीजी सप्लाई स्थिर और नियंत्रण में है।
रिफाइनरियां 100% से ज्यादा क्षमता पर
भारत की सभी रिफाइनरियां 100% से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं। भारत दुनिया में पेट्रोलियम उत्पादों के परिशोधन में चौथे-पांचवें सबसे बड़े निर्यातकों में शामिल है और 150 से अधिक देशों को ईंधन की आपूर्ति करता है। इससे घरेलू जरूरतों की पूर्ति संरचनात्मक रूप से सुनिश्चित रहती है।
होर्मुज स्ट्रेट के बावजूद सप्लाई स्थिर
होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव के बावजूद कच्चे तेल की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। जो भी व्यवधान आ रहा है, उसकी भरपाई वैकल्पिक स्रोतों से की जा रही है। भारत अब 41 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है, जिससे सप्लाई और मजबूत हुई है।
एक लाख से ज्यादा पेट्रोल पंप, सप्लाई बिना रुकावट जारी
देशभर में एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप खुले हैं और सभी जगह बिना किसी रुकावट के ईंधन की आपूर्ति जारी है। किसी भी पंप को सप्लाई सीमित करने का निर्देश नहीं दिया गया है।
दूसरे देशों में संकट, भारत में स्थिति सामान्य
दुनिया के कई देशों में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी, राशनिंग, ऑड-ईवन जैसी पाबंदियां और ‘राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल’ जैसी स्थिति देखी जा रही है। लेकिन भारत में ऐसी किसी भी कदम की जरूरत नहीं है। यहां सप्लाई पूरी तरह सामान्य है।
सरकार की चेतावनी—अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई
सरकार ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट और कमी से जुड़े झूठे दावे फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय ने कहा कि कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर घबराहट में खरीदारी की घटनाएं सामने आईं, जो सोशल मीडिया पर फैली गलत जानकारी का नतीजा थीं।
मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें, क्योंकि देश में ईंधन और एलपीजी की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है।