Edited By Anu Malhotra,Updated: 01 Jan, 2026 04:26 PM

करोड़पति बनने का ख्वाब अब सिर्फ अमीरों की जागीर नहीं रहा। मीडिल क्लास परिवार भी अपनी छोटी-छोटी मासिक बचतों को एक विशाल फंड में तब्दील कर सकते हैं। अगर आप हर महीने ₹5000 अलग निकालने का अनुशासन बना लें, तो 'कंपाउंडिंग' की जादुई शक्ति आपको सात अंकों...
नेशनल डेस्क: करोड़पति बनने का ख्वाब अब सिर्फ अमीरों की जागीर नहीं रहा। मीडिल क्लास परिवार भी अपनी छोटी-छोटी मासिक बचतों को एक विशाल फंड में तब्दील कर सकते हैं। अगर आप हर महीने ₹5000 अलग निकालने का अनुशासन बना लें, तो 'कंपाउंडिंग' की जादुई शक्ति आपको सात अंकों वाली संपत्ति का मालिक बना सकती है।
₹5000 की ताकत और समय का गणित
एसआईपी (SIP) कैलकुलेटर के विश्लेषण से पता चलता है कि करोड़पति बनने का रास्ता धैर्य और निरंतरता से होकर गुजरता है:
निवेश की अवधि: ₹5000 प्रति माह के निवेश को ₹1 करोड़ के जादुई आंकड़े तक पहुँचने में लगभग 27 साल का समय लगेगा।
रिटर्न का अनुमान: इस गणना के लिए सालाना औसत रिटर्न 12% माना गया है, जो लंबी अवधि के इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में एक यथार्थवादी उम्मीद है。
आपकी जेब से खर्च: इन 27 वर्षों में आप कुल ₹16.20 लाख जमा करेंगे।
कंपाउंडिंग का चमत्कार: समय बीतने के साथ आपके निवेश की वैल्यू ₹1.08 करोड़ से भी अधिक हो जाएगी।
कंपाउंडिंग: धीरे शुरू होकर तेज होने वाली रफ्तार
शुरुआती वर्षों में निवेश की वृद्धि मामूली लग सकती है। लेकिन म्यूचुअल फंड की असली ताकत आखिरी के 8-10 वर्षों में दिखती है, जब आपके द्वारा कमाए गए मुनाफे पर भी मुनाफा (रिटर्न पर रिटर्न) मिलने लगता है। यही कारण है कि बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेश को बीच में न रोकना सबसे समझदारी भरा फैसला माना जाता है।
सफर को छोटा करने के विकल्प
अगर आप 27 साल का इंतजार नहीं करना चाहते, तो आपके पास दो मुख्य रास्ते हैं:
निवेश बढ़ाएं: मासिक किस्त को ₹5000 से बढ़ाकर ₹7000 या ₹10,000 कर देने से लक्ष्य तक पहुँचने का समय काफी घट जाता है।
जल्द शुरुआत: जितनी जल्दी आप निवेश शुरू करेंगे, कंपाउंडिंग को काम करने के लिए उतना ही अधिक समय मिलेगा।