Edited By Parveen Kumar,Updated: 15 Oct, 2025 06:05 AM

महाराष्ट्र में नक्सल आंदोलन को एक बड़ा धक्का लगा है। भूपति, अभय और सोनू जैसे नामों से पहचाने जाने वाले वरिष्ठ भाकपा (माओवादी) नेता मल्लाजोलु वेणुगोपाल राव ने अपने 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, वेणुगोपाल राव बुधवार को...
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र में नक्सल आंदोलन को एक बड़ा धक्का लगा है। भूपति, अभय और सोनू जैसे नामों से पहचाने जाने वाले वरिष्ठ भाकपा (माओवादी) नेता मल्लाजोलु वेणुगोपाल राव ने अपने 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, वेणुगोपाल राव बुधवार को गढ़चिरौली में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण करेंगे।
7 करोड़ से अधिक का इनाम
70 वर्षीय वेणुगोपाल राव प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली पोलित ब्यूरो के सदस्य रह चुके हैं। वे दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति के प्रभारी थे और महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ की सीमा पर बसे घने जंगलों से संगठन की गतिविधियों को संचालित करते थे।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वेणुगोपाल राव कई बड़े नक्सली हमलों के मास्टरमाइंड रहे हैं- जिनमें 2010 के दंतेवाड़ा हमले का नाम प्रमुख है, जिसमें 76 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। उन पर हत्या, हत्या के प्रयास, सुरक्षा बलों पर हमले और आगजनी जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। महाराष्ट्र, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सरकारों ने मिलकर उन पर 7 करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित किया था।
नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता
पूर्ववर्ती आंध्र प्रदेश के पेडापल्ली के निवासी वेणुगोपाल राव वाणिज्य स्नातक हैं और कुख्यात नक्सली मल्लाजोलु कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी के छोटे भाई हैं, जो 2010 में मुठभेड़ में मारा गया था। उनकी पत्नी तारक्का ने भी 2018 में गढ़चिरौली पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था।
गढ़चिरौली पुलिस अधिकारियों ने इस आत्मसमर्पण को सुरक्षा बलों के लिए एक ऐतिहासिक जीत और क्षेत्र में नक्सल प्रभाव को खत्म करने की दिशा में निर्णायक कदम बताया है।