NHAI का बड़ा फैसला… 1 अप्रैल से Toll Plaza पर बदल जाएगा ये नियम, हाईवे पर निकलने से पहले जरूर जान लें

Edited By Updated: 21 Feb, 2026 08:13 AM

nhai fastag upi digital toll collection national highway toll upi payment

अगर आप नेशनल हाईवे पर सफर करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। केंद्र सरकार 1 अप्रैल 2026 से देशभर के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद करने की तैयारी कर रही है। मकसद साफ है—टोल कलेक्शन को पूरी तरह डिजिटल बनाना, लंबी कतारों से राहत देना और...

नई दिल्ली: अगर आप नेशनल हाईवे पर सफर करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। केंद्र सरकार 1 अप्रैल 2026 से देशभर के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद करने की तैयारी कर रही है। मकसद साफ है—टोल कलेक्शन को पूरी तरह डिजिटल बनाना, लंबी कतारों से राहत देना और ट्रांजैक्शन में पारदर्शिता बढ़ाना।

डिजिटल पेमेंट ही होगा विकल्प
फिलहाल टोल प्लाजा पर FASTag अनिवार्य है, लेकिन कई जगहों पर नकद भुगतान की सुविधा भी जारी है। प्रस्तावित बदलाव के बाद टोल भुगतान केवल डिजिटल माध्यम—जैसे FASTag और UPI—से ही किया जा सकेगा।

मौजूदा नियमों के अनुसार:

  • यदि वाहन पर वैध FASTag नहीं है या वह काम नहीं कर रहा है, तो दोगुना टोल वसूला जाता है।
  • UPI से भुगतान करने पर वाहन श्रेणी के अनुसार निर्धारित टोल से अधिक शुल्क देना पड़ सकता है।
  • सरकारी सूत्रों के मुताबिक, UPI को नकद भुगतान के विकल्प के तौर पर शुरू किया गया था और धीरे-धीरे कैश ट्रांजैक्शन में कमी आई है। अब सरकार इस प्रक्रिया को पूरी तरह कैशलेस बनाने पर विचार कर रही है।

ओवरलोडिंग पेनल्टी भी होगी डिजिटल
रिपोर्ट्स के अनुसार, ओवरलोडिंग पर लगने वाली पेनल्टी भी जल्द ही डिजिटल माध्यम से वसूली जा सकती है। अभी यह भुगतान ज्यादातर नकद में होता है। प्रस्ताव है कि इसे भी ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा जाए, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और आसान हो सके।

क्यों खत्म किया जा रहा है कैश सिस्टम?
National Highways Authority of India (NHAI) के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन को और मजबूत बनाना तथा टोल प्लाजा संचालन की दक्षता और विश्वसनीयता बढ़ाना है।

कैश सिस्टम खत्म करने के पीछे मुख्य कारण:

लंबी कतारों से राहत: नकद लेनदेन में छुट्टे पैसे और रसीद में समय लगता है, जिससे जाम की स्थिति बनती है।

ईंधन और समय की बचत: कतारों में खड़े रहने से ईंधन की खपत बढ़ती है। एक अध्ययन के अनुसार, पूरी तरह डिजिटल टोलिंग से देश को सालाना हजारों करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।

पारदर्शिता और कम विवाद: डिजिटल भुगतान से टोल चोरी या हिसाब-किताब में गड़बड़ी की आशंका कम होगी।

बैरियर-फ्री टोलिंग की तैयारी: भविष्य में ऐसी व्यवस्था लाने की योजना है जिसमें वाहन बिना रुके अपनी रफ्तार में ही टोल चुका सकें। इसके लिए 100% कैशलेस सिस्टम जरूरी माना जा रहा है।

यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?

यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो 1 अप्रैल 2026 से टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद हो सकता है। ऐसे में वाहन चालकों को पहले से FASTag रिचार्ज या डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। सरकार का मानना है कि यह बदलाव हाईवे यात्रा को तेज, आसान और अधिक पारदर्शी बनाएगा। आने वाले महीनों में इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की संभावना है।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!