Edited By Pardeep,Updated: 05 Jan, 2026 06:06 AM

दिल्ली सरकार ने रेबीज से होने वाली मौतों को रोकने के लिए एक बेहद अहम और सख्त कदम उठाया है। सरकार ने रेबीज को ‘नोटिफाएबल डिजीज’ (Notifiable Disease) घोषित कर दिया है। इसका मतलब यह है कि अब रेबीज से जुड़ा हर संदिग्ध और पक्के (कन्फर्म) मामले की जानकारी...
नेशनल डेस्कः दिल्ली सरकार ने रेबीज से होने वाली मौतों को रोकने के लिए एक बेहद अहम और सख्त कदम उठाया है। सरकार ने रेबीज को ‘नोटिफाएबल डिजीज’ (Notifiable Disease) घोषित कर दिया है। इसका मतलब यह है कि अब रेबीज से जुड़ा हर संदिग्ध और पक्के (कन्फर्म) मामले की जानकारी सरकार को देना अनिवार्य होगा।
इस फैसले के बाद दिल्ली के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और निजी डॉक्टरों को रेबीज के हर मरीज की रिपोर्ट तुरंत स्वास्थ्य विभाग को करनी होगी। सरकार का साफ लक्ष्य है कि दिल्ली में इंसानों की रेबीज से होने वाली मौतों का आंकड़ा शून्य (Zero Deaths) पर लाया जाए।
रेबीज क्यों है इतनी खतरनाक बीमारी?
रेबीज एक जानलेवा बीमारी है। अगर इसके लक्षण शरीर में दिखने लगें, तो मरीज की जान बचाना लगभग नामुमकिन हो जाता है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि समय पर टीकाकरण और सही इलाज से रेबीज को पूरी तरह रोका जा सकता है। इसी वजह से सरकार ने इसे नोटिफाएबल बीमारी बनाया है, ताकि एक भी मामला छिपा न रह जाए और इलाज में देरी न हो।
मुफ्त टीका और इलाज, सरकार के पुख्ता इंतजाम
दिल्ली सरकार ने रेबीज से निपटने के लिए राजधानी में इलाज की मजबूत व्यवस्था की है:
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दिल्ली के सभी 11 जिलों के 59 स्वास्थ्य केंद्रों पर, एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है
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गंभीर मामलों में दी जाने वाली एंटी-रेबीज सीरम (RIG), दिल्ली के 33 चुनिंदा बड़े अस्पतालों में उपलब्ध है।
इन सुविधाओं का मकसद यह है कि किसी भी व्यक्ति को पैसे या इलाज की कमी के कारण जान न गंवानी पड़े।
रेबीज खत्म करने के लिए सरकार का एक्शन प्लान
दिल्ली सरकार रेबीज को पूरी तरह खत्म करने के लिए एक विशेष योजना तैयार कर रही है, जिसे State Action Plan for Rabies Elimination (SAPRE) कहा गया है।
इस योजना का मुख्य लक्ष्य है:
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कुत्तों और अन्य जानवरों से फैलने वाले रेबीज पर रोक
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इंसानों में रेबीज से एक भी मौत न होने देना
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कुत्तों और अन्य जानवरों के टीकाकरण को और मजबूत करना
सरकार का मानना है कि इंसानों के साथ-साथ जानवरों का टीकाकरण जरूरी है, तभी दिल्ली को पूरी तरह रेबीज-मुक्त बनाया जा सकता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा?
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि “रेबीज एक ऐसी बीमारी है जिससे बचाव पूरी तरह संभव है, इसलिए इससे होने वाली एक भी मौत स्वीकार नहीं की जाएगी।”
उन्होंने बताया कि रेबीज को नोटिफाएबल बीमारी बनाने से बीमारी की निगरानी मजबूत होगी, मरीजों की पहचान जल्दी हो सकेगी और इलाज समय पर शुरू किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी साफ किया कि यह नया नियम नोटिफिकेशन जारी होते ही तुरंत लागू होगा और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। बीमारी की रिपोर्टिंग और विभागों के बीच तालमेल को लेकर विस्तृत गाइडलाइंस जल्द सभी अस्पतालों को भेजी जाएंगी।
दिल्ली में रेबीज से मौतों का सच
दिल्ली में रेबीज से मौतों को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं:
वहीं, केंद्र सरकार ने संसद में दावा किया था कि 2022 से जनवरी 2025 तक दिल्ली में रेबीज से कोई मौत नहीं हुई, लेकिन बाद में RTI के जरिए 18 मौतों का खुलासा हुआ।