UNSC में पाकिस्तान की भारत के खिलाफ नहीं चली चाल, बंद कमरे में बैठक रही बेनतीजा

Edited By Updated: 06 May, 2025 01:14 PM

nsc holds closed consultations on indo pak tensions hears calls for restraint

भारत के खिलाफ झूठा नैरेटिव गढ़ने की पाकिस्तान की एक और कोशिश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में नाकाम रही। जम्मू-कश्मीर...

International Desk:भारत के खिलाफ झूठा नैरेटिव गढ़ने की पाकिस्तान की एक और कोशिश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में नाकाम रही। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाक तनाव के नाम पर पाकिस्तान ने सुरक्षा परिषद की बंद कमरे में बैठक बुलाने का आग्रह किया, लेकिन इसमें उसे कोई ठोस समर्थन नहीं मिला। उलटे, कई देशों ने संयम और संवाद की बात कहकर पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष रूप से आड़े हाथों लिया।

 

सुरक्षा परिषद की यह गोपनीय बैठक सोमवार दोपहर करीब डेढ़ घंटे तक चली, जिसमें भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर चर्चा हुई। यह बैठक ‘यूएनएससी चैंबर’ में नहीं, बल्कि उसके परामर्श कक्ष में आयोजित की गई थी। पाकिस्तान फिलहाल UNSC का अस्थायी सदस्य है और उसी हैसियत का इस्तेमाल कर उसने यह मुद्दा उठाया। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने दावा किया कि पाकिस्तान के उद्देश्य काफी हद तक पूरे हो गए, लेकिन यूएनएससी ने बैठक के बाद कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया। इससे स्पष्ट है कि पाकिस्तान के पक्ष को व्यापक समर्थन नहीं मिला।

 

बैठक में संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों और राजनीतिक मामलों से जुड़े विभागों की ओर से जानकारी दी गई। यूएन में यूनान के स्थायी प्रतिनिधि और वर्तमान अध्यक्ष इवेंजेलोस सेकेरिस ने बैठक को "सार्थक" बताया, लेकिन किसी भी पक्ष के समर्थन में कुछ नहीं कहा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने पहले ही चेताया था कि पाकिस्तान सुरक्षा परिषद की सदस्यता का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा था कि इस तरह की चर्चा केवल "धारणाएं गढ़ने का मंच" बनती हैं, न कि समाधान का। पाकिस्तान ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने का मुद्दा भी उठाया और उसे हथियार के रूप में दर्शाने की कोशिश की। इस पर भारत की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन कूटनीतिक हलकों में इसे एक और भ्रामक और भड़काऊ प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
 

 बैठक जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा 26 लोगों की हत्या किए जाने के कुछ दिनों बाद हुई। पहलगाम हमले की घटना के बाद से भारत में आक्रोश फैल गया है। उन्होंने कहा कि बंद कमरे में हुई बैठक का उद्देश्य परिषद के सदस्यों को भारत-पाकिस्तान के बीच बिगड़ते सुरक्षा माहौल और बढ़ते तनाव पर चर्चा करने तथा इस स्थिति से निपटने के तरीकों पर विचारों का आदान-प्रदान करने में सक्षम बनाना है।  अहमद ने परिषद के सदस्यों को उनकी भागीदारी और संयम, तनाव कम करने और बातचीत के लिए उनके आह्वान के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान टकराव नहीं चाहता, लेकिन ‘‘हम अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं''। पाकिस्तान ने भारत द्वारा 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करने का मुद्दा भी उठाया।

 

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