UN में भारत का पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार; कहा-परमाणु धमकी के आगे झुकने वाले नहीं, आतंकवादी हमले का मिलेगा मुंहतोड़ जवाब

Edited By Updated: 10 Oct, 2026 03:31 PM

nuclear weapons must not be treated as routine instruments of statecraft

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि परमाणु हथियार शासन चलाने का सामान्य साधन नहीं हैं और भारत किसी परमाणु धमकी के आगे नहीं झुकेगा। भारत ने आतंकवादी हमलों का जवाब देने, आतंकवाद के प्रायोजकों को जिम्मेदार ठहराने और पहलगाम...

New York: भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि परमाणु हथियारों को शासन चलाने का ''सामान्य साधन नहीं माना जाना'' चाहिए। भारत ने कहा कि वह किसी भी परमाणु धमकी या दबाव के आगे नहीं झुकेगा। निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार करने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा की प्रथम समिति की बैठक में शुक्रवार को भारत ने अपने जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल किया। निरस्त्रीकरण सम्मेलन के लिए जिनेवा स्थित भारत के स्थायी मिशन में वरिष्ठ सलाहकार (निरस्त्रीकरण) अनमोल शेर सिंह बेदी ने पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने के बाद भारत का पक्ष रखते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है। उन्होंने कहा, "हम भारत के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली करने और उन्हें वापस सौंपने का आह्वान करते हैं।" बेदी ने साथ ही कहा कि भारत संघर्ष नहीं चाहता।

 

उन्होंने कहा, "भारत हमेशा शांति के पक्ष में खड़ा रहा है और सभी के साथ शांति चाहता है। हालांकि, अगर गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाइयों के लिए जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, तो संकटों के बीच शांति केवल एक संक्षिप्त विराम बनकर रह जाएगी।" बेदी ने स्पष्ट किया कि भारत की सैन्य क्षमताएं पूरी तरह रक्षात्मक हैं और उनका निर्धारण देश की सुरक्षा संबंधी जरूरतों के आधार पर होता है। उन्होंने कहा कि ये क्षमताएं किसी अन्य देश को निशाना बनाकर हासिल नहीं की गईं। उन्होंने कहा, "हमने तनाव बढ़ने को लेकर जताई गई चिंताओं को सुना है और ये चिंताएं जायज हैं। हालांकि, किसी देश की मंशा का सही आकलन उसके समय के साथ किए गए आचरण से ही किया जा सकता है। परमाणु हथियारों को शासन-संचालन का सामान्य साधन नहीं माना जाना चाहिए।" पाकिस्तान की रणनीति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के अनुभव के मुताबिक इस क्षेत्र में हर संकट का एक जैसा ही तरीका रहा है- ''पहले उकसाना, फिर पल्ला झाड़ना, और जब भारत करारा जवाब दे दे, तो संयम बरतने की दुहाई देना।''

 

भारत ने  बताया कि उसने तीन स्पष्ट रेखाएं तय की हैं, जिनका उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बेदी ने कहा, "पहली, भारत के खिलाफ किसी भी आतंकवादी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। दूसरी, भारत परमाणु धमकी के आगे नहीं झुकेगा। तीसरी, भारत आतंकवाद को प्रायोजित करने वालों और उसके मुख्य षड्यंत्रकारियों के बीच कोई अंतर नहीं करेगा।" उन्होंने समिति को बताया कि पिछले साल मई में भारत की कार्रवाई एक "गंभीर उकसावे" के बाद की गई थी। पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने आत्मरक्षा में कदम उठाया था। पिछले साल मई में भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था।  

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